छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चार हाथियों का दल अचानक रिहायशी इलाके में पहुंच गया। हाथी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और रेंज ऑफिस परिसर के आसपास घूमते नजर आए। आबादी के बीच हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।वन अमले की कोशिश के बाद हाथी कुछ समय के लिए वहां से चले गए, लेकिन बाद में उन्होंने दोबारा इलाके में दस्तक दे दी। इस बार हाथियों का दल एक छात्रावास परिसर के पास पहुंच गया और बाउंड्री वाल का एक हिस्सा तोड़ते हुए आम के बगीचे में जा पहुंचा। अचानक हुई इस घटना से आसपास रहने वाले लोगों और छात्रावास से जुड़े लोगों में डर का माहौल बन गया।
पहले कॉलोनी में घूमे, फिर हॉस्टल की दीवार तोड़ी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चारों हाथी काफी देर तक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और रेंज ऑफिस के आसपास घूमते रहे। रिहायशी इलाके में हाथियों को देखकर लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोग अपने घरों के भीतर रहने को मजबूर हो गए।वन विभाग की टीम ने हाथियों को आबादी से दूर करने की कोशिश की। हालांकि, हाथियों के दोबारा लौटने के बाद स्थिति फिर चिंताजनक हो गई। छात्रावास की बाउंड्री वाल टूटने के बाद हाथी आम की बगिया में चले गए।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उन्हें आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है।रिहायशी क्षेत्र में हाथियों के पहुंचने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। खासकर रात के समय लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत महसूस हो रही है। वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजा जाए और मानव-हाथी संघर्ष की किसी भी संभावित घटना को रोका जा सके।मरवाही क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पहले भी चिंता का विषय रही है। ऐसे में अचानक बस्ती और कॉलोनी के बीच हाथियों के पहुंचने की घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्र से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
