उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कई जिलों में स्कूल और कॉलेजों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया फैसला
गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इसके अलावा मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार और बुधवार के लिए यात्रा स्थगित की गई है। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
चारधाम यात्रा में किन धामों के होते हैं दर्शन?
चारधाम यात्रा की शुरुआत आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से होती है। इसके बाद श्रद्धालु क्रमशः यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन करते हैं। यह यात्रा हर वर्ष मई से नवंबर तक संचालित होती है, जबकि सर्दियों में मंदिरों के कपाट बंद रहने के कारण यात्रा स्थगित रहती है।
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों के लिए भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्ग प्रभावित हुए हैं।
स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी और रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
