जापान एक बार फिर शक्तिशाली भूकंप से दहल उठा है। मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से क्यूशू द्वीप के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। तेज झटकों के बाद जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी अलर्ट जारी कर दिया। प्रशासन ने समुद्र किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक समुद्र में लगभग 3.28 फीट ऊंची लहरें दर्ज की गई हैं। हालांकि फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दोपहर में आए तेज झटके, कई इलाकों में दहशत
भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 4:27 से 4:35 बजे के बीच आया। इसका केंद्र कुमामोटो प्रांत के उकी शहर के पास जमीन से करीब 10 किलोमीटर की उथली गहराई में था। कम गहराई पर आए भूकंप के कारण झटके काफी तेज महसूस किए गए और कई इमारतें जोर-जोर से हिलने लगीं। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक भवनों से बाहर निकल आए।
सात प्रांतों में जारी हुई आपात चेतावनी
भूकंप के तुरंत बाद जापान सरकार और जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी ने आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की। यह चेतावनी दक्षिणी क्यूशू क्षेत्र के कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाज़ाकी प्रांतों के लिए जारी की गई है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
सुनामी के खतरे पर लगातार नजर
भूकंप के बाद समुद्र में हलचल बढ़ने के कारण सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां समुद्री जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही हैं। तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से कहा गया है कि वे आधिकारिक चेतावनी हटने तक समुद्र तटों और निचले इलाकों से दूर रहें। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है जापान
जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक प्रशांत रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) पर स्थित है। यही कारण है कि यहां अक्सर छोटे और बड़े भूकंप आते रहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में आने वाले बड़े भूकंपों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा अकेले जापान में दर्ज होता है। इसी वजह से देश में अत्याधुनिक भूकंप चेतावनी प्रणाली और मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की गई है।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और आपदा राहत एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में निरीक्षण शुरू कर दिया है। सड़कों, पुलों, इमारतों और अन्य सार्वजनिक ढांचों की जांच की जा रही है ताकि किसी संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके। फिलहाल किसी बड़े हादसे, जान-माल के नुकसान या गंभीर चोट की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लोगों से की गई सतर्क रहने की अपील
जापान सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। लोगों को आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि 7.1 तीव्रता का भूकंप काफी शक्तिशाली माना जाता है और इसके बाद कुछ समय तक आफ्टरशॉक आने की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में राहत एवं निगरानी का काम जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
