छत्तीसगढ़ में स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को दीनदयाल ऑडिटोरियम में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण बढ़ाने और हर महीने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल परिसरों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही शिक्षकों की जवाबदेही, छात्राओं की सुरक्षा, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।
स्कूलों में यूट्यूबरों और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूल परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति की गतिविधि तय नियमों के तहत ही होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान केवल शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाई हो रही है या नहीं। उन्होंने शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने की बात कही। मंत्री के मुताबिक, शिक्षक सिर्फ ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूल न आएं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनकी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द
स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्मार्ट क्लास के जरिए डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी विभाग का फोकस रहेगा। योजना के तहत शिक्षक की अनुपस्थिति की स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
हर स्कूल में बनेगी बैंड पार्टी
विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से हर स्कूल में बैंड पार्टी तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसमें एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड से जुड़े विद्यार्थियों को अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही मार्च पास्ट और स्थानीय व पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। शनिवार को आयोजित होने वाले बैगलेस डे में योग, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया।
छात्राओं के लिए कराटे प्रशिक्षण की तैयारी
स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कराटे प्रशिक्षण अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। वहीं, बालिकाओं की सुविधा के लिए प्रदेश में 8 हजार से अधिक नए शौचालय बनाए जाने की योजना है। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राशि जारी करने और बेहद खराब भवनों की जगह नए भवन बनाने के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हर महीने होगी शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग अब हर महीने रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित करेगा। महीने के तीसरे सप्ताह में जिलों के स्कूलों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। ब्लॉक और संकुल स्तर के अधिकारियों को भी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इससे स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखने की कोशिश की जाएगी।
मंत्रोच्चारण और TET पर भी मंत्री ने रखी बात
बैठक में स्कूलों में मंत्रोच्चारण को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार विकसित करना है। वहीं TET को लेकर मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में नई व्यवस्था लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी उसके अनुरूप निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।
