मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा विधेयक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा विधेयक

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में इससे संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी कर्नाटक रवाना होने से पहले रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दी।

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई समिति की बैठक के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति की जल्द बैठक होगी। समिति की सिफारिशों और रिपोर्ट के आधार पर सरकार UCC का अंतिम मसौदा तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार शीतकालीन सत्र में विधेयक सदन में पेश करेगी।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल के राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा और कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की और इसकी तुलना कश्मीर की घटनाओं से की।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन जिस तरह कश्मीर में पत्थरबाजी होती है, उसी तरह कांग्रेस भी पत्थरबाजी पर उतर आई है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही।”

UCC को लेकर सरकार की तैयारी तेज

राज्य सरकार पहले ही UCC के मसौदे पर काम करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन कर चुकी है। सरकार का कहना है कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

यदि प्रस्तावित विधेयक विधानसभा से पारित होता है, तो छत्तीसगढ़ समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।

राजनीतिक बहस तेज होने के आसार

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा इसे समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से विस्तृत चर्चा और विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक करने की मांग कर सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई समिति की आगामी बैठक और शीतकालीन विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां सरकार UCC विधेयक पेश करने की तैयारी में जुटी है।

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