नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सरकार के प्रतिनिधियों और CJP नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही प्रदर्शन में शामिल छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील भी की गई।
यह घोषणा संविधान क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका मौजूद रहे।
CJP का दावा- हमारी प्रमुख मांगें स्वीकार की गईं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
वहीं, आशुतोष रांका ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ तीन चरणों में बातचीत हुई। उनके अनुसार संगठन ने जिन प्रमुख मांगों को उठाया था, उनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और NEET से प्रभावित परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
चार सप्ताह बाद फिर होगी बैठक
CJP नेताओं ने बताया कि चार सप्ताह बाद संगठन के प्रतिनिधि एक बार फिर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था, NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
आंदोलन स्थल पर दिखा जश्न का माहौल
आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए। इस दौरान राष्ट्रगान भी गाया गया।
इसके अलावा, NEET विवाद से प्रभावित और जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
जेपी नड्डा ने कहा
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारी प्रतिनिधियों ने सरकार को चार सूत्रीय लिखित प्रस्ताव सौंपा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने, विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों की समीक्षा करने तथा शिक्षा सुधारों से जुड़े सुझावों का अध्ययन करने पर सहमति व्यक्त की है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के बीच आगे भी संवाद जारी रहेगा ताकि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर समाधान की दिशा में काम किया जा सके।
