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SBI कियोस्क में 1 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी, संचालक गिरफ्तार

धमतरी में SBI कियोस्क धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार किया और 29 FD बॉन्ड जब्त किए SBI कियोस्क में 1 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी, संचालक गिरफ्तार

धमतरी। जिले के भखारा थाना क्षेत्र में SBI कियोस्क के जरिए खाताधारकों के साथ कथित वित्तीय धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने कियोस्क संचालक केशव राम साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर वर्ष 2015 से 2025 के बीच धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए 1,00,75,717 रुपये की राशि के गबन का आरोप है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 29 खाताधारकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बॉन्ड पेपर और Lenovo कंपनी का लैपटॉप जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

SBI के अनुबंध पर संचालित होता था कियोस्क

पुलिस के अनुसार, धमतरी की NICT Technologies Pvt. Ltd. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अनुबंध के तहत ग्राहक सेवा केंद्र यानी कियोस्क का संचालन कराती है। इसी व्यवस्था के तहत ग्राम कोरा में कियोस्क चलाने की जिम्मेदारी केशव राम साहू को दी गई थी।

इस मामले में संस्था के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर ने भखारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।

2015 से 2025 के बीच वित्तीय अनियमितता का आरोप

पुलिस जांच के मुताबिक, 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच कियोस्क से जुड़े खाताधारकों के साथ वित्तीय अनियमितता की गई। पुलिस का आरोप है कि धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए कुल 1,00,75,717 रुपये का गबन किया गया।

शिकायत के आधार पर भखारा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच आगे बढ़ाई।

कियोस्क से लैपटॉप और 29 FD बॉन्ड बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी केशव राम साहू की तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

इसके बाद आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से Lenovo लैपटॉप और 29 हितग्राहियों के FD बॉन्ड पेपर गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय कुरूद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस मामले में वित्तीय लेन-देन और खाताधारकों से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है।

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