कर्नाटक: भारत जोड़ो यात्रा का असर दक्षिण भारत अब भाजपा मुक्त, ध्रुवीकरण का दांव उल्टा

मुख्यधारा @ बेंगलुरु

कर्नाटक में बजरंग दल बैन करने की घोषणा को भाजपा ने बेशक बजरंगबली का अपमान बताकर बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। कांग्रेस में पिछली बार से 4% ज्यादा वोट लेकर 136 सीटों के बहुमत के साथ ना सिर्फ हिजाब बैन जैसे मुद्दों को बेअसर किया बल्कि दक्षिण भारत को भाजपा मुक्त भी कर दिया है। अब दक्षिण के किसी भी राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार नहीं है कर्नाटक में भाजपा की यह जीत 1989 के बाद सबसे बड़ी है तब कांग्रेस के पास 178 सीटें थी।

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा सबसे ज्यादा  21 दिन कर्नाटक में हुई। 21 सीटों से गुजरी जिसमें 17 सीटें कांग्रेस ने जीती। भाजपा के नेता अब कह रहे हैं कि मोदी शाह ने ताबड़तोड़ रैलियां ना की होती तो स्थिति इससे भी खराब हो सकती थी। मोदी शाह ने 47 सीटों पर रैलियां की इनमें से 14सीटें भाजपा ने जीती लेकिन 12 मंत्री हार गए।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस के मत प्रतिशत में जहां एक ओर चार प्रतिशत का इजाफा हुआ, वहीं जनता दल (सेक्युलर) को मिलने वाले वोटों में पांच प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। इस बार कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़कर 42.88 प्रतिशत हो गया है जबकि जद(एस) का मत प्रतिशत घटकर 13.29 प्रतिशत रह गया है। वहीं भाजपा को 36 फीसदी वोट ही मिले हैं।

वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 38.04 प्रतिशत वोट मिले थे, उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 36.22 प्रतिशत जबकि जद (एस) को 18.36 प्रतिशत वोट मिले थे।

राजनीतिक दल जीती हुई सीटों की संख्या फ़ायदा/नुकसान
कांग्रेस 136 +56
बीजेपी 65 -39
जेडी (एस) 19 -18
अन्य 4 +1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *