छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से एक 60 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। घटना धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज की है। बताया जा रहा है कि जंगल से निकलकर एक हाथी बस्ती के पास पहुंच गया था। इसी दौरान ग्रामीण का अचानक हाथी से सामना हो गया, जिसके बाद हाथी ने हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई।
रात में घर से निकले थे बुजुर्ग, तभी हाथी से हुआ सामना
जानकारी के मुताबिक, बाकारूमा रेंज के जमावीरा गांव निवासी रतन गुप्ता उर्फ चंदन (60) शनिवार रात करीब 2 बजे किसी काम से घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान जंगल की तरफ से एक हाथी बस्ती के नजदीक पहुंच गया।अचानक हाथी के सामने आने पर रतन गुप्ता को संभलने का मौका नहीं मिला। हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद जंगल लौट गया हाथी
हमले के कुछ समय बाद हाथी वापस जंगल की ओर चला गया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वनकर्मियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 129 हाथी
वन विभाग के शनिवार के रिकॉर्ड के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 129 हाथी मौजूद हैं। इनमें 38 नर, 59 मादा और 32 शावक शामिल हैं। हाथियों के अलग-अलग दल वन मंडल की विभिन्न रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हैं।बाकारूमा रेंज में फिलहाल 2 से 3 हाथियों के अकेले विचरण करने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग की टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बरकरार
वन क्षेत्र से सटे गांवों में हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में लगातार डर बना हुआ है। जंगल से हाथियों के अचानक बस्ती या खेतों की ओर आने पर ग्रामीणों का उनसे सामना होने का खतरा रहता है।ताजा घटना ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है। वन विभाग हाथियों की निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।
