छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नकली सिगरेट बेचने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इंदिरा मार्केट स्थित एसएसडी ट्रेडर्स में आईटीसी लिमिटेड के गोल्ड फ्लेक प्रीमियम ब्रांड के नाम और पैकेजिंग से मिलती-जुलती नकली सिगरेट बेचने की शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से कुल 18 हजार नकली सिगरेट जब्त की हैं, जिनकी कीमत करीब 2.07 लाख रुपये बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को आईटीसी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि इंदिरा मार्केट के एसएसडी ट्रेडर्स में गोल्ड फ्लेक प्रीमियम के नाम और पैकेजिंग से मिलते-जुलते नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने दुकान पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
18 हजार नकली सिगरेट बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने गोल्ड फ्लेक प्रीमियम नाम से 24 बंडलों में 12 हजार सिगरेट और 12 बंडलों में छह हजार सिगरेट बरामद कीं। पुलिस के मुताबिक, 12 हजार सिगरेट की कीमत करीब 1.38 लाख रुपये, जबकि छह हजार सिगरेट की कीमत करीब 69 हजार रुपये है। इस तरह जब्त सिगरेट की कुल कीमत लगभग 2.07 लाख रुपये है।
पैकेट पर एक ही QR नंबर मिला
पुलिस की जांच में नकली सिगरेट के पैकेटों पर 115 रुपये की MRP और एक ही QR नंबर अंकित पाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा असली उत्पाद जैसी पैकेजिंग और ब्रांड पहचान का इस्तेमाल कर नकली सिगरेट बेचने का प्रयास किया जा रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने विशाल जसवानी (36) निवासी गुरुनानक नगर, दुर्ग और निखिल सिहानी (29) निवासी सदानी नगर, दुर्ग को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस अब मामले में नकली उत्पादों की सप्लाई और बिक्री से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
