पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के आवास प्लस 2.0 सर्वे की अंतिम प्राथमिकता सूची पर होगा फैसला, सरगुजा में 1.16 लाख परिवारों का सर्वे पूरा
रायपुर। सरगुजा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाएं हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत किए गए आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के आधार पर तैयार अंतिम प्राथमिकता सूची पर निर्णय लिया जाएगा। यह प्रक्रिया उन जरूरतमंद और आवासहीन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर का सपना संजोए हुए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से पात्र हितग्राहियों का चयन किया जाएगा, जिससे योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।
1.16 लाख से अधिक परिवारों का हुआ सर्वे
आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के तहत सरगुजा जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 36 परिवारों का सर्वे किया गया है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार अम्बिकापुर में 30,163, बतौली में 10,529, लखनपुर में 19,089, लुण्ड्रा में 18,825, मैनपाट में 11,765, सीतापुर में 13,892 और उदयपुर विकासखंड में 11,773 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है।
ग्राम सभा में होगा सूची का सार्वजनिक वाचन
सर्वेक्षण के आधार पर तैयार प्राथमिकता सूची को ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, विश्वसनीय और पारदर्शी बन सके।
दावे और आपत्तियों का मिलेगा अवसर
ग्राम सभाओं के दौरान ग्रामीणों को सूची में दर्ज नामों की जानकारी दी जाएगी। यदि किसी पात्र हितग्राही का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति ग्राम सभा में अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेगा।
प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है ताकि पात्र परिवारों का सही चयन सुनिश्चित किया जा सके।
जनभागीदारी से मजबूत होगा सुशासन
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 की यह प्रक्रिया केवल लाभार्थियों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, सामाजिक न्याय और सहभागी शासन व्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णय न केवल हजारों परिवारों के पक्के आवास के सपनों को साकार करेंगे, बल्कि ग्रामीण विकास और जनभागीदारी आधारित सुशासन के मॉडल को भी मजबूती प्रदान करेंगे। शासन की यह पहल अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

