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GST में होंगे बड़े बदलाव, 1 नवंबर से मांगे जाएंगे सुझाव; अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम

GST में होंगे बड़े बदलाव, 1 नवंबर से मांगे जाएंगे सुझाव; अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम GST में होंगे बड़े बदलाव, 1 नवंबर से मांगे जाएंगे सुझाव; अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम

केंद्र सरकार जीएसटी रिटर्न फॉर्म में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्रालय 1 नवंबर 2026 से संशोधित मासिक जीएसटी रिटर्न फॉर्म के प्रस्तावों पर कारोबारियों, करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स से सुझाव मांगेगा। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य रिटर्न में दर्ज आंकड़ों के बीच विसंगतियां कम करना, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और टैक्स देनदारी में सुधार की प्रक्रिया आसान बनाना तथा अनावश्यक नोटिसों की संख्या घटाना है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के जीएसटी नीति प्रभाग के आयुक्त गौरव सिंह ने बताया कि विभाग जीएसटी ऑडिट प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में भी काम कर रहा है।

GST Return Form में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में रिटर्न में टैक्स देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी गलतियों को सुधारने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य करदाताओं को गलत प्रविष्टियों में सुधार का बेहतर विकल्प देना और डेटा में अंतर के कारण जारी होने वाले नोटिसों की जरूरत कम करना है।

प्रस्तावित सुधारों में जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-1ए और इनवॉइस फर्निशिंग फैसिलिटी (IFF) से जुड़े फॉर्म शामिल हैं। इन फॉर्म में दर्ज जानकारी का मासिक टैक्स भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी के आंकड़ों से बेहतर मिलान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

फिलहाल, अलग-अलग रिटर्न में दर्ज जानकारी के बीच अंतर होने पर करदाताओं को स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है। नए बदलावों का मकसद ऐसे अंतर की पहचान और सुधार की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

GSTR-1 और GSTR-3B के बीच डेटा मिलान होगा बेहतर

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत GSTR-1, GSTR-1A और IFF में दर्ज जानकारी तथा GSTR-3B में घोषित टैक्स देनदारी के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

इससे करदाताओं को रिटर्न भरते समय हुई गलतियों को सुधारने में मदद मिल सकती है। साथ ही, टैक्स देनदारी और ITC से संबंधित विसंगतियों को दूर करने के लिए वैकल्पिक तंत्र उपलब्ध कराने की योजना है।

हालांकि, नई व्यवस्था के विस्तृत नियम और इसके व्यावहारिक प्रभाव संशोधित फॉर्म तथा संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं से स्पष्ट होंगे।

कब तक दे सकेंगे सुझाव?

संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म को 1 नवंबर 2026 को MyGov पोर्टल पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। कारोबारी, टैक्स प्रोफेशनल्स और अन्य संबंधित पक्ष इन प्रस्तावों पर 30 नवंबर 2026 तक अपने सुझाव दे सकेंगे।

प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार, संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। इससे पहले सरकार प्राप्त सुझावों पर विचार करेगी और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगी।

कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए क्या मायने हैं?

प्रस्तावित बदलावों से उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है जिन्हें अलग-अलग जीएसटी रिटर्न में दर्ज आंकड़ों के अंतर को समझने और सुधारने में परेशानी होती है। टैक्स देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित गलतियों को ठीक करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, रिटर्न में विसंगतियों के कारण जारी होने वाले ऑटो-जेनरेटेड नोटिसों में कमी लाना भी इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य है। इससे कारोबारियों और टैक्स सलाहकारों का अनुपालन संबंधी काम आसान हो सकता है।

सरकार की ओर से प्रस्तावों पर सुझाव लेने के बाद संशोधित फॉर्म और उनसे जुड़े निर्देशों की अंतिम जानकारी सामने आएगी। इसलिए करदाताओं के लिए जरूरी होगा कि वे MyGov पोर्टल और CBIC की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।

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