अंतरिक्ष में नई खोज के लिए हमेशा बड़े टेलीस्कोप या अत्याधुनिक प्रयोगशाला की जरूरत नहीं होती। इसका एक दिलचस्प उदाहरण ग्रह वैज्ञानिक क्वांझी ये (Quanzhi Ye) हैं, जिन्होंने साल 2005 में हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान NASA और European Space Agency (ESA) के संयुक्त SOHO मिशन से मिली तस्वीरों में एक बेहद छोटा धूमकेतु खोज लिया था।
ये उस समय NASA-funded Sungrazer Citizen Science Project के जरिए SOHO की तस्वीरों का अध्ययन कर रहे थे। उनकी नजर सूरज के पास दिखाई दे रहे एक छोटे से बिंदु पर पड़ी, जिसकी पहचान बाद में एक Sungrazing Comet के रूप में हुई।
Sungrazer Project के जरिए मिली थी खोज
क्वांझी ये की यह खोज Sungrazer Project के लिए 1,019वीं धूमकेतु खोज थी। यह उनकी पहली खोज थी और बाद में उन्होंने इसी प्लेटफॉर्म के जरिए कई अन्य धूमकेतुओं की भी पहचान की। NASA के मुताबिक, इस अनुभव ने उनके आगे के वैज्ञानिक करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Sungrazer Project लोगों को अंतरिक्ष अभियानों से हासिल सार्वजनिक डेटा का इस्तेमाल कर नए धूमकेतुओं की तलाश करने का मौका देता है। इसके लिए किसी बड़े वेधशाला या निजी टेलीस्कोप की अनिवार्यता नहीं है।
SOHO की तस्वीरों में ऐसे दिखते हैं धूमकेतु
SOHO यानी Solar and Heliospheric Observatory NASA और ESA का संयुक्त मिशन है, जिसे 1995 में सूर्य का अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया गया था। इसका LASCO (Large Angle and Spectrometric Coronagraph) उपकरण सूर्य की तेज रोशनी को एक कृत्रिम डिस्क की मदद से ढक देता है। इससे सूर्य के आसपास का अपेक्षाकृत धुंधला क्षेत्र दिखाई देने लगता है।
इसी तस्वीर में सूर्य के बेहद करीब से गुजरने वाले छोटे धूमकेतुओं को पहचानना संभव होता है। ऐसे धूमकेतुओं को Sungrazing Comets कहा जाता है। इनमें से कई सूर्य के बेहद करीब पहुंचने के बाद तेज गर्मी और अन्य प्रभावों के कारण टूट जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं।
हाई स्कूल की खोज से वैज्ञानिक करियर तक
2005 में धूमकेतु की पहचान करने के बाद क्वांझी ये ने ग्रह विज्ञान और खगोल विज्ञान की पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने Sun Yat-Sen University से स्नातक की डिग्री हासिल की और बाद में University of Western Ontario से Astronomy में मास्टर डिग्री और PhD पूरी की।
उनके शोध का फोकस सौरमंडल के छोटे पिंडों पर रहा है। इसमें धूमकेतु, क्षुद्रग्रह और उल्कापिंडों के बीच संबंध, उल्का वर्षा, अंतरतारकीय धूमकेतु और पृथ्वी के निकट आने वाले क्षुद्रग्रह जैसे विषय शामिल हैं।
2023 में मिला Harold C. Urey Prize
क्वांझी ये के वैज्ञानिक योगदान को 2023 में American Astronomical Society के Division for Planetary Sciences ने Harold C. Urey Prize देकर सम्मानित किया। NASA के अनुसार यह पुरस्कार शुरुआती करियर के वैज्ञानिकों की ग्रह विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए दिया जाता है।
SOHO से अब तक खोजे गए हजारों धूमकेतु
SOHO मिशन ने धूमकेतुओं की खोज में नागरिक वैज्ञानिकों की भूमिका को भी काफी बढ़ाया है। मार्च 2024 में SOHO के डेटा से खोजे गए धूमकेतुओं की संख्या 5,000 तक पहुंच गई थी। इस 5,000वें धूमकेतु को Sungrazer Project से जुड़े नागरिक वैज्ञानिक हानजी तान ने खोजा था, जो 13 साल की उम्र से इस प्रोजेक्ट में भाग ले रहे थे।
NASA के मुताबिक, SOHO को मूल रूप से धूमकेतुओं की खोज के लिए नहीं बनाया गया था। लेकिन सूर्य के आसपास के क्षेत्र की लगातार निगरानी और LASCO की क्षमता ने इसे धूमकेतुओं की खोज के लिए बेहद उपयोगी बना दिया। SOHO से मिले डेटा ने वैज्ञानिकों और नागरिक वैज्ञानिकों को सूर्य के बेहद करीब से गुजरने वाले ऐसे धूमकेतुओं का अध्ययन करने का अवसर दिया, जिन्हें पृथ्वी से देखना मुश्किल हो सकता है।
अंतरिक्ष विज्ञान में नागरिकों की बढ़ती भूमिका
क्वांझी ये की कहानी यह दिखाती है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वैज्ञानिक डेटा के जरिए आम लोग भी वास्तविक वैज्ञानिक खोजों में योगदान दे सकते हैं। एक हाई स्कूल छात्र द्वारा कंप्यूटर पर अंतरिक्ष की तस्वीरों में की गई खोज आगे चलकर उसके पेशेवर खगोल विज्ञान करियर का हिस्सा बनी।
Sungrazer Project इसी तरह नागरिक वैज्ञानिकों को NASA और ESA के अंतरिक्ष अभियानों से मिले डेटा का अध्ययन करने और संभावित नए धूमकेतुओं की पहचान करने का अवसर देता है।
