हरारे। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मैच में सात विकेट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया का लक्ष्य सीरीज अपने नाम करना होगा, जबकि मेजबान जिम्बाब्वे वापसी की पूरी कोशिश करेगा।
पहले टी20 मुकाबले में भारत ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को सिर्फ 125 रन पर रोक दिया, जिसके बाद बल्लेबाजों ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चर्चा
पहले मैच में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
हालांकि उनकी पारी सिर्फ तेज रन बनाने तक सीमित नहीं थी। उन्होंने गेंद की लंबाई को जल्दी समझा, सही शॉट का चयन किया और ढीली गेंदों का पूरा फायदा उठाया।
उनका साथ ईशान किशन ने भी शानदार तरीके से निभाया। दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के लक्ष्य का पीछा किया, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद रहते हुए मैच को आसानी से समाप्त किया।
भारत की तेज गेंदबाजी ने रखा जीत की नींव
भारत की जीत में तेज गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम रही। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने नई गेंद से लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दोनों गेंदबाजों ने संयुक्त रूप से आठ ओवर में केवल 37 रन देकर चार विकेट झटके। पूरी भारतीय गेंदबाजी इकाई ने अनुशासित प्रदर्शन किया और किसी भी गेंदबाज की इकॉनमी आठ रन प्रति ओवर से अधिक नहीं रही।
कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति भी प्रभावी रही। तेज गति से ज्यादा सही लेंथ पर गेंदबाजी करने पर जोर दिया गया, जिसका फायदा टीम को मिला।
दूसरे मैच में बदली रणनीति के साथ उतर सकता है जिम्बाब्वे
पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी काफी सतर्क नजर आई। दूसरे मैच में कप्तान सिकंदर रजा की टीम अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है।
मेजबान टीम नई गेंद पर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने और पावरप्ले का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी। साथ ही भारतीय फील्डिंग पर भी अधिक दबाव डालने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
क्या भारत बदलेगा अपनी प्लेइंग इलेवन?
पहले मैच में शानदार जीत के बाद भारतीय टीम में बदलाव की संभावना बेहद कम दिखाई देती है।
हालांकि बल्लेबाजी क्रम की अभी पूरी परीक्षा नहीं हुई है। केवल 126 रन के लक्ष्य का पीछा करने के कारण मध्यक्रम को ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। डेथ ओवरों में बल्लेबाजी और दबाव में फिनिशिंग जैसी परिस्थितियों का अभी परीक्षण बाकी है।
यदि दूसरा मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी रहता है, तो भारतीय टीम के मध्यक्रम की असली परीक्षा देखने को मिल सकती है।
पहले मुकाबले ने भारत को आत्मविश्वास दिया है। अनुशासित गेंदबाजी, आक्रामक शीर्ष क्रम और संतुलित कप्तानी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
वहीं जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा होगा। यदि मेजबान टीम शुरुआती ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करती है तो मुकाबला पहले मैच की तुलना में कहीं अधिक रोमांचक हो सकता है।
दूसरे टी20 में सभी की नजर एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी, मयंक यादव की रफ्तार और सिकंदर रजा की कप्तानी पर रहेगी। यदि भारत पहले मैच जैसी लय बनाए रखने में सफल रहता है तो सीरीज उसके नाम हो सकती है।
