5G के बाद 6G की तैयारी, 26 देश मिलकर बनाएंगे नए नेटवर्क के नियम

5G के बाद 6G की तैयारी, 26 देश मिलकर बनाएंगे नए नेटवर्क के नियम

5G के बाद अब दुनिया की नजर 6G टेक्नोलॉजी पर है और भारत भी इसकी तैयारी में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत, अमेरिका समेत 26 देश 6G नेटवर्क के विकास और उससे जुड़े नियमों पर मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य ऐसी 6G तकनीक विकसित करना है, जो सुरक्षित और भरोसेमंद होने के साथ देशों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करे और नए इनोवेशन को बढ़ावा दे।

26 देश मिलकर करेंगे 6G पर काम

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस साझेदारी की जानकारी साझा की। इसके तहत भारत समेत 26 देश अगले 12 महीनों तक सुरक्षित और भरोसेमंद 6G सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम करेंगे। साझेदारी में 6G नेटवर्क की साइबर सुरक्षा मजबूत करने, अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क उपकरणों के बीच बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित करने और नेटवर्क संचालन में सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

भारत-अमेरिका के बीच 6G पर चर्चा

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के मियामी में G20 से जुड़ी बैठकें चल रही हैं। इसी दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच 6G समेत कई तकनीकी और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत इससे पहले इसी साल जुलाई में अमेरिकी टेलीकॉम एजेंसी NTIA की ‘6G Leadership and Security’ पहल में भी शामिल हुआ था।

भारत 6G का ग्लोबल हब बनने की तैयारी में

भारत सरकार भारत 6G मिशन के जरिए देश को भविष्य की 6G तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका लक्ष्य केवल देश में 6G नेटवर्क का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि इससे जुड़ी तकनीक और उत्पादों के विकास में भी भारत की भागीदारी बढ़ाना है। सरकार की योजना 6G से जुड़े पेटेंट, नेटवर्क उपकरण और कम लागत वाले टेलीकॉम प्रोडक्ट्स विकसित करने की है, ताकि भविष्य में इनका दूसरे देशों में निर्यात भी किया जा सके।

साइबर सुरक्षा और सुरक्षित AI पर रहेगा जोर

नई पीढ़ी के नेटवर्क में तेज कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में प्रस्तावित सहयोग के तहत साइबर सुरक्षा, नेटवर्क उपकरणों की आपसी संगतता और सुरक्षित AI के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। भारत के लिए यह साझेदारी भविष्य की टेलीकॉम तकनीक में अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर मानी जा रही है। अगर यह पहल सफल होती है, तो भारत 6G के विकास, मानकों और इससे जुड़े तकनीकी समाधानों में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *