प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान बढ़ने के साथ 2026 का El Niño अब दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ब्रिटेन के Met Office के मुताबिक इस बार विकसित हो रहा El Niño काफी मजबूत हो सकता है और ऐतिहासिक रूप से बेहद प्रभावशाली घटनाओं की श्रेणी में पहुंच सकता है। हालांकि इसे सीधे तौर पर “100 साल का सबसे ताकतवर El Niño” कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि इसकी अंतिम तीव्रता आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी।
प्रशांत महासागर में क्यों बढ़ रही चिंता
El Niño उस स्थिति को कहा जाता है जब मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर की समुद्री सतह सामान्य से अधिक गर्म हो जाती है। यह समुद्र और वायुमंडल के बीच होने वाली जटिल प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका असर प्रशांत क्षेत्र से हजारों किलोमीटर दूर तक मौसम पर पड़ सकता है। Met Office ने जून 2026 में बताया था कि El Niño की स्थितियां विकसित हो चुकी हैं। मौजूदा अनुमान में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ने की संभावना जताई गई थी, जबकि कुछ मॉडल इससे भी अधिक गर्मी का संकेत दे रहे थे। हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा है कि इसकी अंतिम तीव्रता को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत के मानसून पर पड़ सकता है असर
भारत के लिए El Niño इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मानसूनी हवाओं और बारिश के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। Met Office के अनुसार El Niño के दौरान भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक सूखे हालात बनने का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि हर El Niño का असर एक जैसा नहीं होता और इसे किसी एक मौसम की पक्की भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। भारत में मानसून पहले से ही कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक 2026 में कमजोर मानसून की आशंका ने कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन जैसी फसलों को लेकर चिंता बढ़ाई है।
खेती पर क्यों बढ़ सकता है दबाव
बारिश में कमी और तापमान में बढ़ोतरी का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है। खासकर वे फसलें जो बारिश पर ज्यादा निर्भर हैं, लंबे सूखे अंतराल की स्थिति में प्रभावित हो सकती हैं। इससे मिट्टी की नमी, सिंचाई की जरूरत और उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। रॉयटर्स के अनुसार मजबूत El Niño से भारत और थाईलैंड में बारिश तथा कुछ कृषि जिंसों के उत्पादन में कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या यह सच में सदी का सबसे ताकतवर El Niño होगा
इस सवाल का जवाब अभी पूरी तरह तय नहीं है। Met Office ने इसे संभावित रूप से बेहद मजबूत घटना बताया है और कहा है कि यह रिकॉर्ड स्तर की घटनाओं में शामिल हो सकता है। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार El Niño की चरम तीव्रता और उसके वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में ज्यादा स्पष्ट होंगे। इसलिए फिलहाल इसे भारत के लिए संभावित मौसम और कृषि जोखिम की चेतावनी के तौर पर देखना ज्यादा उचित है, न कि किसी निश्चित तबाही की भविष्यवाणी के रूप में।
