महंगी स्पोर्ट्स बाइक चलाने का शौक तीन दोस्तों को भारी पड़ गया। पैसे नहीं होने के कारण उन्होंने बाइक चोरी की योजना बनाई और बांकीमोंगरा से पल्सर RS 200 चोरी कर ली। चोरी के बाद बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने टीपी नगर पहुंचे, लेकिन यहां दुकानदार की सूझबूझ से उनका राज खुल गया।
दुकानदार को बाइक पर संदेह हुआ और उसने बिना युवकों को भनक लगे पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पल्सर RS 200 के अलावा कुसमुंडा क्षेत्र से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी भी बरामद की है।
48 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला
बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने बाइक चोरी की घटना का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मामले में मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू (19) को गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार, पांच सितंबर की रात कुदरीपारा नंबर दो मेन रोड, बांकीमोंगरा निवासी देव कुमार अहिरवार ने अपनी पल्सर RS 200 (CG 12 BT 6722) दुकान के सामने खड़ी की थी। रात करीब 10 बजे बाइक लॉक करने के बाद वह घर चला गया। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे बाइक वहां नहीं मिली। शिकायत के बाद बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे और फंस गए
जांच के दौरान पुलिस को चोरी की बाइक के टीपी नगर पहुंचने की जानकारी मिली। पता चला कि तीन युवक बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने एक दुकान पर पहुंचे हैं।
संयोग से दुकान संचालक का संबंध बाइक मालिक के परिवार से था। बाइक को देखते ही उसे संदेह हुआ। उसने युवकों को इसकी भनक दिए बिना पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद डायल 112 की टीम की मदद से पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आई दो बाइक चोरी
पुलिस पूछताछ में मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, पिता विक्रमलाल निषाद, निवासी भिलाईबाजार, थाना हरदीबाजार ने दो नाबालिग साथियों के साथ बाइक चोरी करना स्वीकार किया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बांकीमोंगरा से चोरी की गई पल्सर RS 200 और कुसमुंडा क्षेत्र से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी (CG 12 BU 7208) बरामद की। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
महंगी बाइक चलाने के शौक में चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें महंगी बाइक चलाने का शौक था, लेकिन बाइक खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इसके बाद तीनों ने वाहन चोरी करने की योजना बनाई।
हालांकि, चोरी की बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश ही उनके लिए मुसीबत बन गई और दुकानदार की सतर्कता से पुलिस तक सूचना पहुंच गई।
मोनेन्द्र को 8 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
