महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के कथित संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क के 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जांच एक नाबालिग से जुड़े प्रकरण से शुरू हुई थी। 21 सितंबर को अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें नाबालिग के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े नेटवर्क के सुराग मिले।
एडवांस रकम देकर मजदूरों को भेजने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और मजदूरों को एडवांस रकम देने का लालच देकर अपने संपर्क में लाते थे। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ईंट भट्ठों और अन्य स्थानों पर मजदूरी के लिए भेजे जाने का आरोप है।
पुलिस का दावा है कि कुछ मामलों में मजदूरों पर दबाव बनाने, डराने और धमकी देने का भी इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में मजदूरों को भेजे जाने से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं।
रजिस्टर, बैंक दस्तावेज और मोबाइल जब्त
10 ठिकानों पर हुई कार्रवाई में पुलिस ने मजदूरों के पलायन से संबंधित रजिस्टर, डायरी, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड और मॉर्गेज से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई है।
पुलिस इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की जांच कर रही है। बैंक खातों और लेन-देन की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पांच मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मुकेश चंद्राकर, लता सवर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मुकेश चंद्राकर को इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
जांच में मजदूरों को एडवांस देकर दूसरे राज्यों में भेजने और वहां कठिन परिस्थितियों में काम कराने से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ मामलों में मजदूरों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
महिलाओं और नाबालिगों की तस्करी के एंगल की जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित नेटवर्क में महिलाओं, नाबालिगों और बालिकाओं की तस्करी से जुड़े लोग शामिल थे या नहीं। इसके साथ ही बाल मजदूरी और शोषण के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
बरामद मोबाइल फोन, दस्तावेज और बैंक खातों की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
BNS की धाराओं में केस दर्ज
मामले में खल्लारी थाना में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) और संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और इसके जरिए अलग-अलग राज्यों में कितने मजदूरों को भेजा गया। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना पुलिस ने जताई है।
