पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा प्लान! 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने का नया कानून जल्द

पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा प्लान! 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने का नया कानून जल्द

नई दिल्ली। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, में संशोधन कर पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए सजा और आर्थिक दंड को और कड़ा करने पर विचार कर रही है।

प्रस्तावित संशोधन के तहत दोषियों के लिए 10 साल तक की कैद और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है।

पेपर लीक पर बढ़ा दबाव

देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कई स्थानों पर आंदोलन हो रहे हैं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि कई छात्र संगठन अब भी आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

इसी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में छात्रों के नाम जारी वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं और सरकार इस पर कठोर कार्रवाई के पक्ष में है।

किस कानून में होगा संशोधन?

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, में संशोधन लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा माफिया और संगठित पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ अधिक प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

बताया जा रहा है कि पहले से लागू कानून के प्रावधानों को और सख्त बनाते हुए अपराधियों के लिए दंड बढ़ाया जा सकता है।

क्या हो सकते हैं नए प्रावधान?

  • पेपर लीक के दोषियों को 10 वर्ष तक का कठोर कारावास
  • ₹1 करोड़ तक का आर्थिक जुर्माना
  • संगठित परीक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।
  • परीक्षा प्रक्रिया में शामिल दोषी संस्थानों और व्यक्तियों पर सख्त दंडात्मक प्रावधान।
  • मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था पर भी विचार।

मानसून सत्र में आ सकता है संशोधन विधेयक

सूत्रों के अनुसार, सरकार संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में परीक्षा कानून से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो पेपर लीक से जुड़े मामलों में पहले की तुलना में कहीं अधिक कड़ी सजा का रास्ता साफ हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने दिए थे सख्त कार्रवाई के संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई साधारण अपराध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि कानून को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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