एक दिन में दो घूसखोरों को गिरफ्तार किया गया। जबलपुर में एक लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रोजेक्ट अफसर को ठेकेदार से 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वहीं ग्वालियर में ईओडब्लू ने एक प्रोफेसर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।
जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस टीम ने मंगलवार को मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के एक प्रोजेक्ट अफसर को गिरफ्तार किया। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने बताया कि ठेकेदार दिनेश कुमार सिमरिया ने डिंडोरी जिले के शहपुरा विकासखंड के संग्रामपुर स्थित आंगनवाडी केंद्रों में कोदू, कुटकी तथा नाश्ते की सप्लाई की थी। इसका बिल 1.41 लाख रुपए था। उन्होंने कहा कि इस बिल को पास करने की एवज में परियोजना अधिकारी भलावी उससे 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था, जिसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त में की थी। साहू ने बताया कि मंगलवार की सुबह शहपुरा पेट्रोल पंप के समीप स्थित किराये के मकान में भलावी इस ठेकेदार से यह रिश्वत की रकम ले रहा था। तभी लोकायुक्त इंस्पेक्टर स्वापनिल दास की टीम ने उसको रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। भलावी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हुआ है।
वहीं ग्वालियर में ईओडब्ल्यू ने विजयाराजे शासकीय कन्या महावद्यिालय के प्रोफेसर को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू अमित सिंह ने बताया कि नई दिल्ली नजफगढ़ निवासी अवनीश कुमार ने ईओडब्ल्यू को शिकायत की थी। इसके मुताबिक विजयाराजे शासकीय कन्या महावद्यिालय मुरार के प्रोफेसर डॉ. बीडी मानिक ने थीसिस पर साइन करने के नाम पर 51 हजार रुपए मांगे थे। इसकी पहली किश्त के रूप में दस हजार रुपए आज अवनीश ने जैसे ही दिये वैसे ही ईओडब्ल्यू ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आवेदक बीसीए, एमसीए, संगीत में मास्टर डिग्री के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहा था। प्रोफेसर डॉ. मानिक उसके गाइड थे।

