सिर्फ तंबाकू नहीं, यह वायरस भी बढ़ा रहा मुंह के कैंसर का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

सिर्फ तंबाकू नहीं, यह वायरस भी बढ़ा रहा मुंह के कैंसर का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

अब तक मुंह और गले के कैंसर के लिए तंबाकू, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट को सबसे बड़ा कारण माना जाता था। लेकिन हाल ही में सामने आई एक स्टडी ने इस धारणा में नया पहलू जोड़ दिया है। शोध के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के वेरिएंट 16 और 18 भी ओरल और गले के कैंसर का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

HPV अब सिर्फ सर्वाइकल कैंसर तक सीमित नहीं

चिकित्सकीय रिपोर्टों के मुताबिक, HPV को पहले मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर से जोड़ा जाता था। हालांकि नई स्टडी में संकेत मिले हैं कि यह वायरस उन लोगों में भी मुंह और गले के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, जो तंबाकू या धूम्रपान नहीं करते।

इंदौर के कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कुल कैंसर मरीजों में 30 से 40 प्रतिशत मरीज ओरल कैंसर से पीड़ित हैं।

कमजोर इम्युनिटी बढ़ाती है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि HPV वायरस कई लोगों के शरीर में मौजूद हो सकता है, लेकिन सामान्य स्थिति में यह निष्क्रिय रहता है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर होती है, तब यह सक्रिय होकर कोशिकाओं और जीन पर असर डाल सकता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार यदि ये लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए—

  • 10 दिन से अधिक समय तक मुंह के छाले ठीक न होना
  • जीभ पर सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना
  • मसूड़ों और दांतों में लगातार सड़न
  • मुंह खोलने या निगलने में परेशानी
  • मुंह में लगातार दर्द या सूजन

इन आदतों से भी बढ़ सकता है जोखिम

विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ तंबाकू ही नहीं, बल्कि सुपारी, चूना, कत्था और अत्यधिक लाल मिर्च का सेवन भी मुंह की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे ओरल कैविटी की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर होती है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

30 सेकंड में हो सकती है जांच

इंदौर स्थित राजा रामन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (RRCAT) द्वारा विकसित ओंको डायग्नोस्कोप तकनीक की मदद से मात्र 30 सेकंड में मुंह के कैंसर की शुरुआती जांच संभव है। यह तकनीक देश के कई प्रमुख अस्पतालों में उपयोग की जा रही है।

डॉक्टरों की सलाह

कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह या गले से जुड़े किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए लंबे समय तक छाले, सफेद धब्बे या मुंह में किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

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