पौने नौ किमी लंबी सड़क बनेगा जीवन में बदलाव का रास्ता
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में PM Janman Yojana के तहत तैयार की गई नई सड़क ने वर्षों से मुख्यधारा से कटे आदिवासी गांवों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। डोंडरीबेड़ा कैंप से कटेर तक बनी 8.75 किलोमीटर लंबी सड़क ने ग्रामीणों के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी खोले हैं।
दशकों पुरानी मुश्किलें हुईं कम
कुछ समय पहले तक डोंडरीबेड़ा और कटेर सहित आसपास के गांवों तक पहुंचने का एकमात्र साधन कच्ची पगडंडियां थीं। बारिश के मौसम में ये रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते थे, जिससे ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट जाता था।
ऐसी स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, बच्चों का नियमित रूप से स्कूल जाना और किसानों का अपनी उपज बाजार तक ले जाना बड़ी चुनौती बन जाता था।
8.56 करोड़ रुपये से तैयार हुई सड़क
सरकारी जानकारी के अनुसार, 856.19 लाख रुपये की लागत से डोंडरीबेड़ा कैंप से कटेर तक इस सड़क का निर्माण किया गया है। यह परियोजना प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत पूरी की गई है।
इस सड़क के बनने से पहली बार कई गांवों तक चारपहिया वाहन, एम्बुलेंस और प्रशासनिक टीमें आसानी से पहुंचने लगी हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला लाभ
नई सड़क बनने के बाद अब 108 एम्बुलेंस सेवा ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच रही है। स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सुविधा मिली है।
किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक फायदा
सड़क बनने से स्थानीय किसान अब अपनी कृषि उपज और वनोपज को सीधे बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं। इससे परिवहन आसान हुआ है और बिचौलियों पर निर्भरता कम होने की संभावना है।
साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण सामग्री गांवों तक पहुंचने में भी आसानी हुई है, जिससे आवास, बिजली और पेयजल जैसी योजनाओं के कार्यों में गति आई है।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले बाजार या जिला मुख्यालय तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था, जबकि अब वाहन सीधे गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
अबूझमाड़ में कनेक्टिविटी से विकास की उम्मीद
डोंडरीबेड़ा-कटेर सड़क परियोजना को अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।

