सरकारी नौकरी के नाम पर 3.78 लाख की ठगी,मंत्री-अफसरों से पहचान बताकर बनाया जाल

सरकारी नौकरी के नाम पर 3.78 लाख की ठगी,मंत्री-अफसरों से पहचान बताकर बनाया जाल

राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लोगों से 3.78 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपित ने खुद को मंत्री और अधिकारियों का करीबी बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ नगर निवासी टेलर धन्नू राम ध्रुव की शिकायत पर प्रमोद केशरवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के बाद एक युवक को कवर्धा तहसील कार्यालय में करीब चार महीने तक काम भी कराया, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला। बाद में जब पीड़ितों ने आरोपित से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला।

राजस्व विभाग में नौकरी लगवाने का दिया भरोसा

धन्नू राम ध्रुव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में प्रमोद केशरवानी उनके घर के पास किराये पर रहता था। वह अक्सर अधिकारियों के साथ अपनी पहचान होने की बात करता था। इसी दौरान उसने छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग में भर्ती निकलने की जानकारी देते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया।

धन्नू राम के साढ़ू के भांजे परमेश्वर मरकाम को नौकरी की जरूरत थी। इसकी जानकारी प्रमोद को देने पर उसने परमेश्वर के शैक्षणिक दस्तावेज मंगवाए और नौकरी लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपये खर्च होने की बात कही।

शिकायत के अनुसार, परमेश्वर के परिवार ने पहले 20 हजार रुपये फोन-पे के जरिए प्रमोद के खाते में भेजे। इसके बाद 30 सितंबर 2023 को 2.10 लाख रुपये नकद दिए गए। आरोपित ने परमेश्वर की कवर्धा तहसील कार्यालय में नौकरी लगने का दावा करते हुए अंग्रेजी में ज्वाइनिंग से संबंधित पत्र भी दिया। परमेश्वर ने वहां करीब चार महीने तक काम किया, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला।

दो रिश्तेदारों की नौकरी के लिए भी दिए 50-50 हजार

धन्नू राम ने बताया कि प्रमोद की बातों पर भरोसा करके उन्होंने अपने दो भांजों मिथुन मरकाम और अमित छेदाईया की शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगवाने के लिए भी पैसे दिए।

दोनों के लिए 50-50 हजार रुपये, यानी कुल एक लाख रुपये नकद, प्रमोद को दिए गए। रकम लेने के बाद आरोपित दोनों की नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन उनकी नौकरी नहीं लगवाई।

मोबाइल बंद कर हुआ संपर्क से बाहर

नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने पर धन्नू राम और उनके रिश्तेदारों ने प्रमोद केशरवानी से संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान उसका मोबाइल बंद मिला और काफी प्रयास के बाद भी उससे संपर्क नहीं हो सका।

इसके बाद धन्नू राम ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रमोद केशरवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब नौकरी दिलाने के नाम पर हुए पैसों के लेन-देन, संबंधित दस्तावेजों और आरोपित द्वारा अधिकारियों से पहचान होने के किए गए दावों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

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