रक्षाबंधन के पर्व को लेकर इस बार भद्रा, पंचक और चंद्र ग्रहण की स्थिति को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:09 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह 9:47 बजे समाप्त होगी। इस दौरान अलग-अलग समय पर भद्रा, पंचक और चंद्र ग्रहण की स्थिति रहेगी।
कब से कब तक रहेगी सावन पूर्णिमा
पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:47 बजे तक रहेगी। रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।
रक्षाबंधन पर कब तक रहेगी भद्रा
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 27 अगस्त को पूर्णिमा तिथि शुरू होने के साथ ही भद्रा भी शुरू हो जाएगी। भद्रा का समापन रात 9:29 बजे होगा। वहीं 28 अगस्त को पूरा दिन भद्रा से मुक्त रहेगा। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने को लेकर भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।
रक्षाबंधन पर पंचक भी शुरू
इस बार सावन पूर्णिमा के साथ पंचक की शुरुआत भी होगी। पंचांग के अनुसार 27 अगस्त से 1 सितंबर तक पंचक रहेगा। चूंकि पंचक गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे सामान्य पंचक बताया गया है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक पंचक के कारण राखी बांधने पर कोई रोक नहीं है। इसलिए बहनें पंचक को लेकर चिंतित हुए बिना शुभ समय में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का समय
28 अगस्त को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण होने की बात कही गई है। दिए गए पंचांग के अनुसार ग्रहण सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा।
हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल की मान्यता ग्रहण के दिखाई देने से जुड़ी होती है। इसलिए भारत में इसकी दृश्यता नहीं होने के कारण यहां सूतक मान्य नहीं होगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसके अलावा दोपहर में 12:01 बजे से 1:05 बजे तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। इस दौरान बहनें भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। इस तरह इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा, पंचक और चंद्र ग्रहण की चर्चा के बावजूद दिए गए शुभ मुहूर्त में राखी बांधने की सुविधा रहेगी।
