हरियाणा के होडल क्षेत्र के गांव मित्रोल में पुनर्जन्म से जुड़ा एक दावा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक 85 वर्षीय महिला के निधन के बाद राजस्थान से 25 साल का युवक पहुंचा और उसने खुद को महिला का पिछले जन्म का पति बताया। युवक के इस दावे के बाद गांव में पुराने रिश्तों और उसकी पहचान को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, पुनर्जन्म से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है। यह पूरी कहानी संबंधित परिवार और युवक के दावों पर आधारित है।
सड़क हादसे में हुई थी शिक्षक की मौत
मित्रोल गांव के लोगों के मुताबिक, युवक का दावा है कि पिछले जन्म में वह शिक्षक था और एक सड़क हादसे में उसकी मौत हुई थी।
बताया गया कि गांव निवासी मास्टर हीरालाल 18 जनवरी 1987 को अपने बड़े बेटे जोगेंद्र सिंह चौहान के साथ साइकिल से होडल से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान एक बस ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में हीरालाल की मौत हो गई, जबकि उनके 17 वर्षीय बेटे जोगेंद्र सिंह घायल हो गए। बाद में जोगेंद्र सिंह को एसडीएम कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट की नौकरी मिली।
2001 में राजस्थान में जन्म लेने का दावा
जोगेंद्र सिंह के अनुसार, उनके पिता का कथित पुनर्जन्म वर्ष 2001 में राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव बड़ेसरा में देवी सिंह फौजदार के परिवार में हुआ। परिवार का दावा है कि बाद में इस बच्चे का नाम आकाश रखा गया और उसने बचपन में अपने पिछले जीवन से जुड़ी बातें बतानी शुरू कीं।
चार साल की उम्र में पुराने परिवार को पहचानने का दावा
जोगेंद्र सिंह के मुताबिक, वर्ष 2006 में जब आकाश करीब चार साल का था, तब वह उनके परिवार तक पहुंचा। दावा किया जाता है कि उसने परिवार के कुछ सदस्यों को पहचान लिया और पिछले जन्म के रिश्तों से जुड़ी बातें बताईं। जोगेंद्र सिंह का कहना है कि 2006 से अब तक आकाश उनके परिवार के संपर्क में रहा है। परिवार ने उसकी पढ़ाई और आर्थिक जरूरतों में मदद की। रिश्तेदार भी उसे कथित पिछले जन्म के रिश्ते के आधार पर अपनापन देते रहे हैं।
वर्तमान पिता ने भी सुनाई बेटे की बचपन की बातें
आकाश के वर्तमान पिता देवी सिंह के अनुसार, उनके बेटे का जन्म वर्ष 2001 में हुआ था। उनका दावा है कि करीब चार साल की उम्र से आकाश ऐसी बातें करने लगा था, जिनसे परिवार को लगा कि उसे पिछले जन्म की यादें हैं। देवी सिंह के मुताबिक, आकाश खुद को दो बेटों और एक बेटी का पिता बताता था और कहता था कि उसका पक्का मकान है। बाद में मित्रोल पहुंचने पर उसकी बताई बातों को लेकर पुराने परिवार के साथ उसकी पहचान की चर्चा होने लगी।
दावे की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं
पुनर्जन्म को लेकर आकाश और मित्रोल के परिवार की ओर से किए गए दावे लंबे समय से चर्चा में हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन दावों की कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल 25 वर्षीय युवक और मित्रोल के परिवार के बीच वर्षों से बने इस कथित रिश्ते की कहानी स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है।
