नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी। सुबह से ही कई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली।
इधर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 37 जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका असर देखने को मिलेगा।
दिल्ली में बदला मौसम का मिजाज
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर के लोग उमस भरी गर्मी से परेशान थे। सोमवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और राजधानी के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी। आईटीओ, मिंटो ब्रिज, द्वारका, रोहिणी, लक्ष्मी नगर, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कार्यालय जाने वाले लोगों को भी ट्रैफिक की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूपी के 37 जिलों के लिए IMD का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 37 जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
पूर्वी, मध्य और तराई क्षेत्र के जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है। प्रशासन को पहले ही सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अगले दो दिनों तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक भारी बारिश होने से शहरी बाढ़ (Urban Flooding) जैसी स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से सटे कृषि क्षेत्रों में धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को इससे फायदा मिलेगा।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हो रही बारिश से सिंचाई की लागत कम होगी और भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।
वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
प्रशासन भी अलर्ट मोड पर
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नगर निकायों और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क हैं।
अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता के चलते उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
