मुंगेली। सरकारी सेवा में वर्षों तक प्राचार्य के रूप में कार्य करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक राजेंद्र कुमार अंचल पिछले दो वर्षों से अपनी पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्ति के लंबे समय बाद भी उन्हें न तो पेंशन का लाभ मिला और न ही ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया। विभागीय स्तर पर लगातार हो रही देरी से परेशान होकर उन्होंने न्याय नहीं मिलने की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी दी है।
30 अप्रैल 2024 को हुए थे सेवानिवृत्त
राजेंद्र कुमार अंचल 30 अप्रैल 2024 को बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, करमा से प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद से वे लगातार पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए संबंधित विभागों के संपर्क में हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
वरिष्ठ अधिकारियों से भी लगाई गुहार
सेवानिवृत्त प्राचार्य के अनुसार उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, लोक शिक्षण संचालनालय, शिक्षा सचिव, शिक्षा मंत्री के ओएसडी सहित कई अधिकारियों को आवेदन और शिकायतें भेजीं। इसके बावजूद उनकी पेंशन संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
लोक आयोग का मामला सुलझा, फिर भी नहीं मिली राहत
अंचल का कहना है कि विभाग ने पहले लोक आयोग में लंबित शिकायत का हवाला देकर पेंशन प्रक्रिया रोकने की बात कही थी। उन्होंने संबंधित मामला भी निपटा लिया, लेकिन उसके बाद भी पेंशन जारी नहीं की गई।
CM हेल्पलाइन से भी नहीं मिला समाधान
उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई। 18 जून 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मुंगेली ने लिखित रूप से बताया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है और इसे जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया गया है। इसके बाद भी पेंशन प्रकरण लंबित है।
उपेक्षा का लगाया आरोप
राजेंद्र कुमार अंचल ने आरोप लगाया कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मामला होता तो उसका निराकरण इतनी लंबी अवधि तक लंबित नहीं रहता। उनका कहना है कि लगातार हो रही प्रशासनिक उदासीनता के कारण वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
आत्महत्या की चेतावनी
सेवानिवृत्त प्राचार्य ने कहा है कि यदि जल्द उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी जारी नहीं की गई तो वे आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।
