आज का पंचांग- रायपुर, छत्तीसगढ़ (मंगलवार, 15 सितंबर 2026)

आज का पंचांग- रायपुर, छत्तीसगढ़ (मंगलवार, 15 सितंबर 2026)

15 सितंबर 2026, मंगलवार को ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। दिए गए पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। इसी दिन मंगलवारी चतुर्थी का भी उल्लेख किया गया है। ऋषि पंचमी का पर्व भारतीय परंपरा में ऋषि-मुनियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने से जुड़ा है। इस दिन सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है।

15 सितंबर 2026 का पंचांग

15 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:26 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा। नक्षत्र सुबह से दोपहर बाद तक स्वाती रहेगा और शाम 3:21 बजे के बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। योग में दोपहर 12:20 बजे तक इन्द्र योग रहेगा, इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन राहुकाल दोपहर 3:38 बजे से शाम 5:10 बजे तक रहेगा। दिशाशूल उत्तर दिशा में बताया गया है।

ऋषि पंचमी पर सप्तर्षियों का पूजन

ऋषि पंचमी के दिन भारतीय परंपरा में ऋषि-मुनियों के प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है। मान्यता और दिए गए स्रोत के अनुसार, वशिष्ठ, विश्वामित्र, जमदग्नि, भारद्वाज, अत्रि, गौतम और कश्यप आदि ऋषियों को सप्तर्षियों के रूप में स्मरण किया जाता है। इन ऋषियों को ‘मंत्रदृष्टा’ भी कहा गया है। इसका आशय यह है कि ऋषि स्वयं को मंत्रों का रचयिता या कर्ता नहीं मानते, बल्कि साक्षी भाव में मंत्र और उसके अर्थ का दर्शन करते हैं।

ऋषि पंचमी का धार्मिक संदेश

दिए गए स्रोत के अनुसार, ऋषि पंचमी के दिन विशेष रूप से माताएं व्रत रखती हैं और ऋषियों का पूजन करती हैं। इस पर्व का उद्देश्य केवल पूजा तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि ऋषियों की शिक्षाओं और उनके बताए मार्ग को जीवन में अपनाने से भी जोड़ा गया है। स्रोत में ऋषियों को असंग, दृष्टा और साक्षी भाव में स्थित बताया गया है। सुख-दुःख, लाभ-हानि और मान-अपमान जैसी परिस्थितियों में संतुलित रहने का प्रयास भी उनके प्रति सम्मान का एक रूप माना गया है।

सप्तर्षियों के प्रति कृतज्ञता

ऋषि पंचमी को ऋषि-मुनियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। भारतीय परंपरा में ऋषियों ने ज्ञान, संस्कार और जीवन पद्धति के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। दिए गए स्रोत में यह भी कहा गया है कि ऋषियों की आज्ञा का पालन करना और उनके बताए दृष्टा भाव में स्थित होने का अभ्यास करना ही उनके वास्तविक पूजन का एक रूप है।

15 सितंबर के पंचांग में खास बातें

15 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। इसी दिन ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। पंचांग में चतुर्थी सुबह 7:44 बजे तक बताई गई है, जबकि इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी।

इस दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्तर्षियों का स्मरण और पूजन किया जाता है। पर्व का मूल संदेश ऋषियों के प्रति सम्मान, उनके ज्ञान के प्रति कृतज्ञता और उनके बताए आदर्शों को जीवन में अपनाने की भावना से जुड़ा है। स्रोत: ऋषि प्रसाद, सितंबर 1999, पृष्ठ 13-14, अंक 81; पंचांग विवरण: सनातन पंचांग।

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