स्कूल खोले जाने के सवाल पर डिप्टी सीएम (Dy CM) डॉ. दिनेश शर्मा कहते हैं कि सरकार जुलाई में स्कूल (School) खोलने की तैयारी कर रही है. लेकिन कोराना के प्रभाव को देखते हुए ही निर्णय लिया जाएगा.
शैलेंद्र सिंह के बेटे आदित्य 10वीं क्लास में पढ़ते हैं. इनका भी साफ कहना है कि बच्चे तो बच्चे होते हैं. स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन मुश्किल है. शैलेंद्र कहते हैं कि सरकार भले ही गाइडलाइन तय कर दे, लेकिन उनको यकीन नहीं है कि स्कूल इसका पालन गाइडलाइन के हिसाब से करा पाएगा. ऐसे में बच्चे को स्कूल भेजना एक अभिभावक होन के नाते थोड़ा मुश्किल जरुर है. 8वीं में पढ़ने वाली खुशी की मां प्रीति कहती हैं कि ऑनलाइन क्लासेस तो हो ही रहे हैं, इसी से काम चलाया जा सकता है. बड़े बच्चों का स्कूल भेजा जा सकता है. क्योंकि वो समझदारी दिखा सकते हैं, लेकिन छोटे बच्चों के लिए कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता.
स्कूल खोले जाने के सवाल पर डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा कहते हैं कि सरकार जुलाई में स्कूल खोलने की तैयारी कर रही है. लेकिन कोराना के प्रभाव को देखते हुए ही निर्णय लिया जाएगा. गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 10 हजार पार कर चुकी है. ऐसे में अभिभावकों का डर लाजिमी है. दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने 7 जून तक सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, अध्यापकों, अभिभावकों की कमिटी से सुझाव मांगे हैं. इसके बाद जुलाई से स्कूल खोलने के लिए योजना बनाई जाएगी.

