
अमेरिका और ब्रिटेन समेत कुछ देशों में मंजूर और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वीकृत विदेशी वैक्सीन के देश में इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने के बावजूद टीके की सप्लाई में तत्काल बढ़ोतरी की कोई उम्मीद नहीं है।
नई दिल्ली। अमेरिका और ब्रिटेन समेत कुछ देशों में मंजूर और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वीकृत विदेशी वैक्सीन के देश में इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने के बावजूद टीके की सप्लाई में तत्काल बढ़ोतरी की कोई उम्मीद नहीं है। मई में आयातित स्पुतनिक-वी की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन उसकी मात्रा भी सीमित होगी। इसके अलावा भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट का उत्पादन भी जून से ही बढ़ने की उम्मीद है।
वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने के लिए चल रही वार्ता, विदेशी वैक्सीन के लिए भी खुले दरवाजे
दरअसल, देश में सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक फिलहाल हर महीने कोरोना वैक्सीन की लगभग सात करोड़ डोज यानी प्रतिदिन लगभग 23 लाख डोज तैयार कर रही हैं। जबकि, प्रतिदिन औसतन 35 लाख टीके लगाए जा रहे हैं, इसकी तुलना में उत्पादन बहुत कम है। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। एक तरफ भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट से उत्पादन बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है, तो दूसरी ओर विदेशी वैक्सीन के लिए भारत के दरवाजे खोल दिए गए हैं।

