तरुण हत्याकांड में नया मोड़, आरोपी के नाबालिग वाले बर्थ सर्टिफिकेट को किया गया रद्द

तरुण हत्याकांड में नया मोड़, आरोपी के नाबालिग वाले बर्थ सर्टिफिकेट को किया गया रद्द

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए तरुण बुटोलिया हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। मामले में आरोपी बनाए गए एक नाबालिग के जन्म पंजीकरण दस्तावेज यानी बर्थ सर्टिफिकेट को प्रशासन ने रद्द कर दिया है। गुरुवार को जारी प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, विकासपुरी के SDM ने आरोपी के जन्म पंजीकरण से जुड़े रिकॉर्ड को निरस्त करने की कार्रवाई की है।

यह कार्रवाई इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि रद्द किए गए दस्तावेज में आरोपी फैजान की उम्र नाबालिग बताई गई थी। अब इस प्रमाणपत्र के निरस्त होने के बाद उसकी उम्र निर्धारित करने के लिए अन्य वैध दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

नाबालिग बताने वाला बर्थ सर्टिफिकेट रद्द

अधिकारियों के अनुसार, विकासपुरी के SDM ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के संबंधित अधिकारी को पत्र भेजकर जन्म प्रमाणपत्र रद्द करने की कार्रवाई के लिए कहा था। यह कदम राजस्व विभाग की जांच के बाद उठाया गया।

जांच में आरोपी के जन्म के देर से किए गए पंजीकरण से जुड़े आदेश की वैधता पर सवाल सामने आया। प्रशासनिक जांच में जिस आदेश के आधार पर जन्म प्रमाणपत्र जारी किया गया था, उसे अमान्य पाया गया। इसके बाद संबंधित जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

आरोपी के पास दो बर्थ सर्टिफिकेट होने का दावा

पश्चिमी जिले के एक अधिकारी के मुताबिक, आरोपी के पास दो बर्थ सर्टिफिकेट और दो आधार कार्ड होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक जन्म प्रमाणपत्र में आरोपी को नाबालिग दर्शाया गया था।

रद्द किए गए जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड में आरोपी की जन्म तिथि 7 अक्टूबर 2011 दर्ज थी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब आरोपी की उम्र तय करने के लिए दूसरे वैध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

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MCD को भेजा गया था प्रशासनिक पत्र

विकासपुरी SDM के हस्ताक्षर वाला पत्र दिल्ली नगर निगम के वेस्ट जोन में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े रजिस्ट्रार को भेजा गया था। इसमें प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड को रद्द करने की कार्रवाई करने को कहा गया।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच का मुख्य आधार वह आदेश था, जिसके तहत आरोपी का जन्म देर से पंजीकृत किया गया था। जांच में इस आदेश को अमान्य पाए जाने के बाद बर्थ सर्टिफिकेट को भी निरस्त किया गया।

रंगीन पानी का गुब्बारा गिरने के बाद हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक, 4 मार्च 2026 को तरुण बुटोलिया की हत्या से जुड़ा विवाद होली के दौरान शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार, बुटोलिया परिवार की एक नाबालिग लड़की होली खेल रही थी। उसने छत से रंगीन पानी का गुब्बारा फेंका, जो एक महिला पर गिर गया और उसके कपड़ों पर रंग के छींटे पड़ गए।

दिल्ली पुलिस की मई में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, इसके बाद जाति-आधारित कथित अपशब्दों को लेकर विवाद बढ़ गया। पुलिस के आरोपपत्र के मुताबिक, आगे चलकर यही विवाद तरुण बुटोलिया की हत्या में बदल गया।

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मामले में 18 लोगों को बनाया गया आरोपी

पुलिस ने इस मामले में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाया है। आरोपियों पर कथित तौर पर गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा बनने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।

अब आरोपी की उम्र से जुड़े बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द किए जाने के बाद इस पहलू की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासनिक रिकॉर्ड में बदलाव के बाद आरोपी की उम्र निर्धारित करने के लिए अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों को देखा जाएगा।

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