हाई कोर्ट का बड़ा फैसला,नौकरी बहाल न करने पर मंडी समिति को देने होंगे ₹6.44 लाख

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला,नौकरी बहाल न करने पर मंडी समिति को देने होंगे ₹6.44 लाख

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बहाली के आदेश के बावजूद श्रमिक को सेवा में वापस नहीं लेने के मामले में कृषि उपज मंडी समिति की रिट अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है। इसके तहत मंडी समिति को श्रमिक राकेश सक्सेना को 6 लाख 44 हजार 137 रुपये का भुगतान करना होगा।

मामले की सुनवाई 17 सितंबर को न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की।

श्रम न्यायालय ने दिया था बहाली का आदेश

मामला राकेश सक्सेना से जुड़ा है। श्रम न्यायालय क्रमांक-1, ग्वालियर ने 1 फरवरी 2003 को आदेश जारी कर उन्हें सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया था। आदेश में पिछले वेतन का भुगतान किए बिना सेवा में बहाली की बात कही गई थी।

यह मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा था, लेकिन श्रम न्यायालय के बहाली संबंधी आदेश को बरकरार रखा गया। इसके बावजूद राकेश सक्सेना को सेवा में वापस नहीं लिया गया। बाद में वह 31 अगस्त 2007 को सेवानिवृत्त हो गए।

सेवानिवृत्ति तक के वेतन की मांग

सेवा में बहाली नहीं होने के बाद राकेश सक्सेना ने औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 33-सी(2) के तहत श्रम न्यायालय में आवेदन दिया। इसमें उन्होंने बहाली के आदेश से लेकर सेवानिवृत्ति तक की अवधि के वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की।

उन्होंने बकाया वेतन की गणना भी श्रम न्यायालय के सामने पेश की थी। मंडी समिति ने इस पर लिखित जवाब तो दिया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस समय गणना पर कोई आपत्ति नहीं की।

श्रम न्यायालय ने ₹6.44 लाख देने का आदेश दिया

मामले की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने 6 लाख 44 हजार 137 रुपये के भुगतान का आदेश दिया।

इसके बाद कृषि उपज मंडी समिति ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी और रिट अपील दायर की।

हाई कोर्ट में गणना को लेकर क्या दलील दी गई

सुनवाई के दौरान मंडी समिति की ओर से पेश अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि श्रम न्यायालय में प्रस्तुत गणना पर उस समय कोई विवाद नहीं किया गया था। हालांकि बाद में अलग गणना पत्र के माध्यम से राशि को लेकर आपत्ति उठाई गई।

हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद मंडी समिति की रिट अपील को खारिज कर दिया और एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा।

इस फैसले के बाद कृषि उपज मंडी समिति को राकेश सक्सेना को ₹6,44,137 का भुगतान करना होगा। मामला बहाली के आदेश के बावजूद सेवा में वापस नहीं लिए गए श्रमिक के वेतन संबंधी दावे से जुड़ा है।

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