अमेजन प्राइम की पसंदीदा वेब सीरीज द फैमिली मैन का दूसरा सीजन इस साल फरवरी में रिलीज किया जाने वाला था हालांकि अब इसे पोस्टपोन कर दिया गया है। तांडव सीरीज के सीन से शुरू हुए विवाद के बाद अमेजन प्राइम वाले किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते, जिसके चलते विवादों से बचने के लिए सीरीज के कुछ सीन रीशूट किए जाने वाले हैं। मेकर्स ने अपनी टीम के अलग-अलग डिपार्टमेंट के लोगों को सीरीज दिखाई और उनके नजरिये में जो सीन भी आपत्तिजनक लगे उस हाइलाइट करने का सुझाव रखा। द फैमिली मैन 2 से पहले भी कई सीरीज और फिल्में आपत्तिजनक सीन के चलते विवादों में रह चुकी हैं। आइए जानते हैं वो फिल्में और सीरीज कौन सी हैं-
तांडव- 2021
साल की शुरुआत में अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई सीरीज तांडव उस वक्त विवादों से घिर गई जब सीरीज पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा। सीरीज में एक प्ले के दौरान जीशान अय्युब ने शिव जी की भूमिका निभाई है, जहां वो गाली देते हुए नजर आ रहे हैं। ये सीन देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों अपना आक्रोश जाहिर किया। देश भर में कई जगह मेकर्स के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की जा चुकी है, वहीं कुछ लोगों अमेजन पर भी गुस्सा निकाला था। विवादों के बाद मेकर्स ने सीरीज से विवादित सीन हटा दिया था।
धर्म-संकट में- 2015
साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म धर्म संकट में, धर्मपाल नाम के एक मुस्लिम विरोधी व्यक्ति पर आधारित है, जिसका किरदार परेश रावल ने निभाया है। धर्मपाल को अचानक पता चलता है कि उसके बायोलॉजिकल पैरेंट्स मुस्लिम थे और उसे हिंदु परिवार ने गोद लिया था। सच्चाई सामने आने के बाद धर्मपाल का नजरिया धर्म को लेकर बिल्कुल बदल जाता है। नाजुक मुद्दा होने के कारण सेंसर बोर्ड ने हिंदु और मुस्लिम गुरुओं को बुलवाकर फिल्म दिखाई थी, जिससे वो इसे सुपरवाइज कर सकें। फिल्म के कुछ भडकाऊ बयानों को हटाने के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकी थी।
सन ऑफ सरदार- 2012
साल 2012 में रिलीज हुई अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर फिल्म सन ऑफ सरदार पर सिख समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई थी। मेकर्स पर आरोप थे कि उन्होंने सिख लोगों को बुरा दिखाया है। ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फैडरेशन ने अकाल तख्त को अजय देवगन के खिलाफ एक्शन लेने के लिए लैटर भेजा था। फिल्म का डायलॉग- ‘अगर सरदार नहीं होते तो जोक किस पर बनते’, भी काफी विवादों में था। बाद में इन डायलॉग्स को फिल्म से हटाया गया था।
सिंह इस किंग- 2008
इस फिल्म के कुछ सीन में सिख समुदाय को गलत तरह से पेश करने पर काफी विवाद हुआ था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने विपुल शाह से कुछ सीन को दोबारा शूट करने के लिए लेटर भेजा था। फिल्म रिलीज से पहले इस कमेटी के लिए एक स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गई थी।
उड़ता पंजाब- 2016
फिल्म में पंजाब में ड्रग का सेवन बढ़ने के केस पर प्रकाश डाला गया था। पंजाब की छवि खराब होते देख राज्य के लोग विरोध में उतरे थे। बाद में सेंसर बोर्ड ने 94 कट और 13 करेक्शन करवाने के बाद फिल्म को ए सर्टिफिकेट दिया था जिसमें सुधार के बाद फिल्म रिलीज हो सकी थी।
पदमावत-2018
दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म पदमावत कई कारणों से विवादों में रही थी। करणी सेना ने पूरे देश में फिल्म रिलीज बैन करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों का आरोप है कि फिल्म में कई तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है और साथ ही राजपूत समुदाय को गलत दिखाने की कोशिश की गई थी। विवादों में आने के बाद 1 दिसम्बर 2017 को रिलीज होने वाली इस फिल्म को डॉक्यूमेंटेशन की कमी के चलते रोक दिया गया था। बाद में कुछ सीन, और टाइटल में बदलाव कर फिल्म को 25 जनवरी 2018 में रिलीज किया गया था।
गोलियों की रासलीला- रामलीला- 2013
राम-लीला- इस फिल्म का टाइटल पहले सिर्फ रामलीला रखा गया था। रामलीला की लवस्टोरी से तुलना होते देख हिंदु समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी। कई लोगों ने फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए फिल्म रिलीज पर रोक की मांग की। इसके साथ ही क्षत्रीय कम्यूनिटी के लोगों ने फिल्म में कास्ट के लोगों की गलत छवि दिखाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी जिसके बाद दिखाई गई कम्यूनिटी का नाम बदलकर रजाड़ी और सनेणा कर दिया गया था।
बेंडिट क्वीन- 1996
शेखर कपूर द्वारा निर्मित फूलन देवी पर बनी फिल्म बेंडिट क्वीन काफी विवादों में रही थी। फिल्म में अभद्र भाषा, न्यूडिटी और सेक्सुअल कंटेंट होने के कारण इसे बैन करने की मांग की गई थी। सेंसर बोर्ड ने इस पर फैसला लेते हुए फिल्म रिलीज रोक दी। 1994 में बनी इस फिल्म को दो साल के विवाद के बाद 1996 में रिलीज किया गया था। इस साल फिल्म को बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन और बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

