कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक बहुत अच्छी और राहत की खबर है। विशेषज्ञों के मुताबिक रायपुर में अब दूसरी लहर का पीक अब उतार पर आ गया है। दो स्थितियों से इसका संकेत भी अब स्पष्ट हो रहा है। पहला ये कि रायपुर में मरीजों के ठीक होने की दर अब 89 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है।
यही नहीं रायपुर में मरीजों के ठीक होने की दर राष्ट्रीय औसत 82 प्रतिशत से भी 7 प्रतिशत अधिक हो गई है। दरअसल, जानकारों के मुताबिक महामारी में किसी वेव यानी लहर का पीक किसी शहर प्रदेश या देश के लिए अलग अलग होता है। और वहां की स्थितियों के मुताबिक ही इसको परखा जाता है।
14 से 20 दिन पहले संक्रमित हुए मरीज भी अब शहर में बड़ी तादाद में ठीक हो गए हैं। शहर में एक्टिव मरीजों के घटने का सिलसिला भी शुरु हो गया है। पिछले दो हफ्तों के सर्वाधिक स्तर 28 हजार 947 से गिरकर अब ये 15 हजार के करीब पहुंच गया है।
राजधानी रायपुर में 14 अप्रैल को दिन एक दिन में सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज दर्ज किए गए थे। पहली और दूसरी लहर में एक्टिव मरीजों की ये संख्या अब सबसे ज्यादा रही। भास्कर टीम ने एक्सपर्ट के जरिए दो लहरों के दौर में एक्टिव मरीजों के लिहाज से ग्राफ में आए ढलान की दोनों स्थितियों का अध्ययन किया। पहली लहर में एक्टिव मरीजों का सर्वोच्च स्तर या जिसे हम शिखर कहते हैं वो पिछले साल 12 सिंतबर को दर्ज किया गया। उस दिन रिकॉर्ड 13 हजार 105 मरीज सक्रिय थे।
उसके बाद 13 सितंबर से सक्रिय मरीज कम होने शुरु हुए इसके अगले ही दिन ये 11 हजार पर आ गए। 14 सितंबर को 11 हजार फिर इसी क्रम में औसतन एक हजार एक्टिव मरीजों की तादाद रोज कम होते होते 9 और अक्टूबर में ये 8 हजार के नीचे तक पहुंच गई। हालांकि बीच में 16 सितंबर को ये एक बार ये संख्या 12 हजार पर आई। फिर उसके करीब 14 दिन बाद उस दौर में 23 सितंबर को ये 10 हजार पर पहुंची फिर एक्टिव मरीज बढ़ते हुए पांच दिन में 11 हजार से अधिक हो गए।
दूसरी लहर में यह स्थिति अब आगे क्या संभावना?
दूसरी लहर में सक्रिय मरीजों का अधिकतम स्तर 14 अप्रैल को रिकॉर्ड किया गया है। जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या में गिरावट 5 दिन बाद 18 अप्रैल से शुरु हुई है। इस दौरान 28 हजार से सक्रिय मरीजों की तादाद 26 हजार फिर 24, 18 हजार से गिरते हुए 25 अप्रैल यानी 11 दिन बाद ये 15 हजार से नीचे आ गई है।
आने वाले दिनों में जानकारों के मुताबिक अब करीब दो हफ्ते के ट्रेंड को और देखना होगा। इसमें नए मरीज किस तादाद में मिल रहे हैं, उसके अनुपात में किस दर से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, ये भी देखना होगा। हालांकि कोरोना की पहली लहर का जो ट्रेंड अब तक रहा है, उसमें रिकवरी रेट एक बार 80 के पार होने के बाद इसमें बढ़ोतरी ही होती आई है। यानी ये कहा जा सकता है कि आने वाले कुछ दिन में रिकवरी रेट 90 के पार पहुंच सकता है।
96 हजार से ज्यादा घर में ही स्वस्थ
रायपुर में अब तक 1.20 लाख से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जिनमें से 96 हजार से ज्यादा घर पर होम आइसोलेशन में इलाज के जरिए ठीक हो चुके हैं। वहीं अस्पताल में इलाज के जरिए 24 हजार से ज्यादा लोग स्वस्थ हुए हैं। रायपुर में सोमवार को 1394 नए संक्रमित मिले जबकि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 36 सौ से ज्यादा रही। पहली लहर में भी 70 प्रतिशत से अधिक मरीज घर पर ही इलाज के जरिए ठीक हुए थे। रायपुर में अब एक्टिव केस गिरकर 12 हजार से ज्यादा नीचे आ चुके हैं।
एक्सपर्ट व्यू – शहर में लहर अब ढलान पर
जैसा कि हमने पहले ही अनुमान लगाया था, दूसरी लहर का पीक 20 अप्रैल के आसपास आ सकता है। इसके बाद ढलान का दौर शुरु हो जाएगा। जहां तक रायपुर की बात है, यहां लहर का उतार साफ नजर अा रहा है। इसे आप तीन बिंदुओं पर देख सकते हैं। पहला यह कि अब सक्रिय मरीजों की संख्या में गिरावट आ गई है। दूसरा, रिकवरी रेट बहुत अच्छा हो गया है। ये लगातार बढ़ भी रहा है।
लॉकडाउन का प्रभाव भी अच्छा माना जा सकता है क्योंकि नए मरीजों की संख्या अब उतनी नहीं आ रही है। हालांकि इसमें आगे उतार-चढ़ाव भी रह सकता है। तीसरा ये कि लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल का अच्छे से अनुपालन किया है यानी मास्क लगाना, हाथों को सेनिटाइज करना और उसके साथ ही सुरक्षित दूरी का पालन करना। सांख्यिकीय नजरिए से भी देखें तो पिछले दस दिन में सक्रिय मरीजों की गिरावट जारी है।
