नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मंगलवार को संसद भवन में मतदान होगा। यह मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के बीच है।
मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा और उसके बाद शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। देर रात तक नतीजा घोषित होने की संभावना है। खास बात यह है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में सांसदों पर पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, क्योंकि मतदान गुप्त मतपत्र के जरिए होता है।
नंबर गेम में राजग की बढ़त
निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य होते हैं, लेकिन वर्तमान में 781 सांसद मतदान के पात्र हैं। इनमें से जीत के लिए 391 वोट जरूरी हैं।
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राजग के पास 425 सांसदों का समर्थन है।
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विपक्षी खेमे में 324 सांसद हैं।
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वाईएसआरसीपी (11 सांसद) ने राजग उम्मीदवार का समर्थन घोषित किया है।
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बीजद और बीआरएस ने मतदान से अलग रहने का फैसला किया है।
राधाकृष्णन की छवि बनी ताकत
राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन (67 वर्ष) महाराष्ट्र के मौजूदा राज्यपाल हैं। वे तमिलनाडु से आते हैं और दो बार कोयंबटूर से सांसद रह चुके हैं। मृदुभाषी और गैर-विवादित छवि वाले राधाकृष्णन आरएसएस से जुड़े रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी साफ छवि और संगठन में लंबे अनुभव से राजग को बड़ा फायदा मिल रहा है।
विपक्ष ने उतारा सुदर्शन रेड्डी को
संयुक्त विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज बी सुदर्शन रेड्डी (79 वर्ष) को मैदान में उतारा है। वे कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। नक्सल विरोधी आंदोलन सलवा जुडूम को असंवैधानिक करार देने वाला फैसला उन्हीं की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिया था। इसके अलावा वे काले धन की जांच में ढिलाई पर केंद्र सरकार की आलोचना भी कर चुके हैं।
ईवीएम से क्यों नहीं होता मतदान?
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली लागू होती है। सांसद मतपत्र पर उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकता क्रम में 1, 2, 3… लिखकर वोट देते हैं। यही कारण है कि इस चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल संभव नहीं है।

