क्या होती है वियना संधि? पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग में अखबार देने पर लगाई पाबंदी, भारत ने कहा– वियना संधि का उल्लंघन

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में अखबारों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। भारत ने इस कदम को पाकिस्तान की “छोटी सोच” और वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करार दिया है।

आजाद और संप्रभु देशों के बीच आपसी राजनयिक संबंधों के लिए 1961 में वियना कन्वेंशन लागू हुआ था, जिसमें राजनयिकों को विशेष अधिकार और सुरक्षा देने का प्रावधान है। यह संधि 1964 में प्रभावी हुई और 2017 तक 191 देश इसका हिस्सा बन चुके हैं।

क्या कहती है वियना संधि?

  • राजनयिकों की गिरफ्तारी पर रोक – किसी भी कानूनी मामले में मेजबान देश राजनयिक को गिरफ्तार नहीं कर सकता।

  • कस्टम टैक्स से छूट – मेजबान देश राजनयिक पर कोई कस्टम टैक्स नहीं लगाएगा।

  • आर्टिकल 31 – मेजबान देश दूतावास में प्रवेश नहीं कर सकता और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

  • आर्टिकल 36 – किसी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी पर संबंधित दूतावास को तुरंत सूचना देना अनिवार्य है।

1963 में ‘वियना कन्वेंशन ऑन कांसुलर रिलेशंस’ के जरिए दूतावास की सुरक्षा और नागरिकों की गिरफ्तारी संबंधी सूचना देने की प्रक्रिया तय की गई थी। भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में एक विशेष समझौता हुआ था कि जासूसी या आतंकवाद जैसे मामलों में राजनयिक पहुंच रोकी जा सकती है।

भारत का कहना है कि अखबार देने पर रोक लगाना न केवल राजनयिक संबंधों में बाधा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संधि के मूल सिद्धांतों के खिलाफ भी है।

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