छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से इंसान और वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक और भयावह घटना सामने आई है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला-लारगांव और गवरसिल्ली गांवों में कुछ घंटों के भीतर हुई दो अलग-अलग घटनाओं में मादा भालू के हमले से भाई-बहन समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
भाई-बहन पर हमला, मौत के बाद भी शवों को नोचता रहा भालू
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला-लारगांव क्षेत्र में खेत की ओर गए भाई-बहन पर अचानक मादा भालू ने हमला कर दिया। हमला इतना खतरनाक था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों की मौत के बाद भी भालू काफी देर तक शवों को नोचता रहा। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस हमले में एक अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
दूसरी घटना में महिला की मौत, तीन लोगों की गई जान
पहली घटना के कुछ ही घंटों बाद नरहरपुर वन परिक्षेत्र के गवरसिल्ली गांव में भी भालू ने खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में हलाल जुर्री (45 वर्ष), खोरीन बाई (40 वर्ष) और चमरीन जुर्री घायल हुए। इनमें से एक महिला की मौत हो गई। दोनों घटनाओं को मिलाकर मृतकों की संख्या तीन हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
पहले ही मिल चुकी थी भालू की सूचना
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के पास एक मृत भालू के साथ मादा भालू देखी गई थी। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया था और वन विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।
वन विभाग की गाड़ी पर भी किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेस्क्यू और निगरानी अभियान के दौरान मादा भालू ने वन विभाग की गाड़ी पर भी हमला करने की कोशिश की। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है और भालू को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद गांव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने लोगों से जंगल और उससे लगे इलाकों में नहीं जाने की अपील की है। साथ ही किसी भी स्थान पर भालू दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है।
वन विभाग पर उठे सवाल
लगातार दो घटनाओं और तीन मौतों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पहले से सूचना देने के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में स्थायी निगरानी, गश्त बढ़ाने, मुआवजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भालू को आबादी वाले क्षेत्र से हटाने के लिए अभियान जारी है और ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
