पश्चिम बंगाल विधानसभा में चार वर्षों से लंबित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 28 रिपोर्टें पेश की गई हैं। इन रिपोर्टों में अम्फान चक्रवात राहत वितरण, स्वास्थ्य साथी योजना, शहरी निकायों और समग्र शिक्षा मिशन सहित कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
सरकार ने इन रिपोर्टों पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा भी की है।
सरकार ने लगाया संवैधानिक दायित्व निभाने में चूक का आरोप
राज्य सरकार का आरोप है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने इन CAG रिपोर्टों को समय पर विधानसभा में प्रस्तुत नहीं किया, जिससे संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं हो सका।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि रिपोर्टों पर विस्तृत चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, ताकि रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों और निष्कर्षों को सदन तथा जनता के सामने रखा जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्टों के अध्ययन से राज्य पर बढ़े कर्ज के कारणों को समझने में मदद मिलेगी और सभी विधायकों से इन दस्तावेजों का गंभीरता से अध्ययन करने का आग्रह किया।
अम्फान राहत वितरण पर CAG की टिप्पणियां
CAG की रिपोर्ट में वर्ष 2020 के अम्फान चक्रवात के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर कई टिप्पणियां की गई हैं।
- नुकसान का आकलन वास्तविक स्थिति से अधिक दर्शाए जाने का आरोप है।
- कुछ लाभार्थियों को कथित रूप से एक से अधिक बार राहत राशि मिलने की बात सामने आई।
- कुछ मामलों में पुराने राहत लाभार्थियों की सूची के आधार पर सहायता वितरण किए जाने का उल्लेख किया गया है।
- केंद्र सरकार से सहायता मांगने के लिए भेजे गए नुकसान के आकलन के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
अन्य योजनाएं भी रिपोर्ट के दायरे में
CAG रिपोर्टों में केवल अम्फान राहत कार्य ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य साथी योजना, शहरी निकायों के वित्तीय प्रबंधन और समग्र शिक्षा मिशन के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी ऑडिट किया गया है। इनमें कई स्थानों पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित कमियों का उल्लेख किया गया है।
विशेष सत्र में होगी विस्तृत चर्चा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा के विशेष सत्र में इन सभी रिपोर्टों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान रिपोर्टों में उठाए गए बिंदुओं, संबंधित विभागों की जवाबदेही और आगे की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
