नई दिल्ली। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। यह हमला उस समय हुआ, जब MV Golden Leo नामक जहाज ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। घटना के बाद भारत सरकार ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
17 सदस्यीय चालक दल में थे पांच भारतीय
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले इस मालवाहक जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। जहाज पर सीरियाई नागरिक भी मौजूद थे।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
घटना के बाद भारत ने स्पष्ट कहा कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नागरिक चालक दल को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। भारत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित देश के राजनयिक को तलब कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है।
किस पर लगे हमले के आरोप?
यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि ओडेसा तट के पास जहाज पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में इस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया गया है, हालांकि रूस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
काला सागर क्षेत्र में बढ़ता खतरा
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर और ओडेसा बंदरगाह के आसपास समुद्री गतिविधियां लगातार जोखिम भरी होती जा रही हैं। इससे पहले भी कई व्यापारिक जहाज हमलों की चपेट में आ चुके हैं। ताजा घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
पीड़ित परिवारों को सहायता का आश्वासन
भारत सरकार ने कहा है कि मृतकों के परिवारों और घायल नाविक को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।
