छत्तीसगढ़ की पहली पर्वतारोही बस्तर की बेटी नैना सिंह धाकड़ एक साथ विश्व की 2 ऊंची चोटियों को लांघ इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड पर अपना नाम दर्ज करवा लिया है। वहीं नैना इस उपलब्धि को हासिल करने वाली भारत की पहली पर्वतारोही महिला बनीं। बस्तर की टाकरागुड़ा ग्राम निवासी नैना सिंह धाकड़ 10 दिन के अंदर विश्व की 2 ऊंची चोटी पर चढ़ने का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड पर अपना नाम दर्ज करवाया।
नैना की ख्वाइश है कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी पर्वतारोही बनने के लिए छत्तीसगढ़ में एकेडमी खोली जाए जिसके लिए मुख्यमंत्री ने भी हामी भरी है। दरअसल नैना ने 23 मई 2021 को विश्व की चौथी ऊंची चोटी माउंट लहोत्से (8516 मीटर) पर सफलता हासिल की। वहीं 1 जून 2021 को विश्व की पहली ऊंची चोटी माउंट ऐवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर सफलता हासिल कर पूरे भारत देश मे नाम रोशन किया है। विश्व की दोनों चोटियों को सफलता पूर्वक हासिल करने वाली बस्तर की बेटी छत्तीसगढ़ की प्रथम अंर्तराष्ट्रीय पर्वतारोही हैं, जो अब पूरे भारत की पहली महिला बनी हैं जिसने एक साथ 2 पहाड़ों पर चढ़कर भारत देश का तिरंगा फहराया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया है।
नैना 2010 से ही देश के कई ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई कर सफलता हासिल कर चुकी हैं और इस उपलब्धि के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ में द माउंटेन गर्ल नैना के नाम से जाना जाता है। अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के बाद से बस्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी नैना के इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ हो रही है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने नैना सिंह धाखड़ को इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट देकर उनका सम्मान किया।
