📍 स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़ (भारतीय मानक समय – IST)
📅 पंचांग विवरण
- 📆 दिनांक: 25 जुलाई 2026
- 📌 वार: शनिवार
- 🕉️ विक्रम संवत्: 2083
- 📖 शक संवत्: 1948
- ☀️ अयन: दक्षिणायन
- 🌧️ ऋतु: वर्षा ऋतु
- 🌙 मास: आषाढ़
- 🌗 पक्ष: शुक्ल पक्ष
🌙 तिथि
- शुक्ल एकादशी – सुबह 11:34 बजे तक।
- इसके बाद शुक्ल द्वादशी प्रारंभ होगी।
✨ आज का विशेष महत्व
आज देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी का पावन पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आज के दिन भगवान श्री विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। यह अवधि साधना, व्रत, जप, तप, दान और भक्ति के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।
⭐ नक्षत्र
- ज्येष्ठा नक्षत्र – पूरे दिन एवं पूरी रात्रि तक।
ज्येष्ठा नक्षत्र नेतृत्व, आत्मविश्वास, साहस और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए प्रभावशाली माना जाता है।
🔯 योग
- ब्रह्म योग – रात्रि 09:09 बजे तक।
- इसके बाद इन्द्र योग प्रारंभ होगा।
ब्रह्म योग को विद्या, आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
🌅 सूर्य एवं चंद्र समय (रायपुर)
- 🌅 सूर्योदय: प्रातः 05:33 बजे
- 🌇 सूर्यास्त: सायं 06:49 बजे
⏰ शुभ एवं अशुभ मुहूर्त (रायपुर)
⚫ राहुकाल
सुबह 09:27 बजे से 11:06 बजे तक
इस अवधि में नए कार्य, निवेश, यात्रा और शुभ कार्यों से बचना उचित माना जाता है।
🌄 ब्रह्म मुहूर्त
प्रातः 04:07 बजे से 04:50 बजे तक
ध्यान, योग, जप, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय।
☀️ अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11:49 बजे से 12:42 बजे तक
यदि कोई विशेष शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो इस समय महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं।
🧭 दिशाशूल
➡️ पूर्व दिशा
यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो घर से निकलने से पहले दही या अदरक का सेवन करना शुभ माना जाता है।
🌟 आज का व्रत एवं पर्व
- ✅ देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी
- ✅ चातुर्मास प्रारंभ
- ✅ भगवान श्री विष्णु शयन उत्सव
🙏 देवशयनी एकादशी का महत्व
सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी का अत्यंत विशेष महत्व है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके साथ ही चार माह तक चलने वाले चातुर्मास की शुरुआत होती है।
इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बढ़ जाता है।
🛕 आज करें ये शुभ कार्य
- भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
- तुलसी पूजा एवं दीपदान करें।
- गरीबों एवं जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र अथवा दक्षिणा का दान करें।
- गीता एवं विष्णु पुराण का पाठ शुभ माना जाता है।
📖 आज का विशेष मंत्र
राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे।
सहस्रनाम तत् तुल्यं, रामनाम वरानने॥
मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से विष्णु सहस्रनाम के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
⚠️ आज क्या न करें
- ❌ एकादशी के दिन चावल एवं साबूदाना का सेवन न करें।
- ❌ शिम्बी (सेम) का सेवन वर्जित माना गया है।
- ❌ बाल एवं नाखून कटवाने से बचें।
- ❌ तामसिक भोजन एवं नशे से दूर रहें।
- ❌ क्रोध, असत्य और अपशब्दों से बचें।
🌿 चातुर्मास का संदेश
आज से प्रारंभ होने वाला चातुर्मास आत्मसंयम, सेवा, दान, सत्संग और आध्यात्मिक साधना का काल माना जाता है। इस अवधि में सात्विक जीवन, भगवान विष्णु की उपासना और धर्म-कर्म का विशेष फल प्राप्त होता है।
📅 आगामी व्रत
26 जुलाई 2026 (रविवार)
🔱 प्रदोष व्रत
भगवान शिव की आराधना के लिए यह अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। संध्या काल में शिव परिवार की पूजा, बेलपत्र अर्पित करना, दीपदान और शिव आरती का विशेष महत्व है।
🌞 आज का संदेश
“देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होने वाला चातुर्मास आत्मचिंतन, संयम, सेवा और भक्ति का पावन काल है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए आज का दिन पूजा, जप, दान और सद्कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।”
🌺 आप सभी को देवशयनी एकादशी एवं चातुर्मास प्रारंभ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
