अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की प्रमुख तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कमी करने की अपील की है। उनका कहना है कि ईरान युद्ध के दौरान कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से कंपनियों ने बड़ा मुनाफा कमाया है और अब उस लाभ का कुछ हिस्सा आम उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। ट्रंप ने विशेष रूप से Chevron और ExxonMobil का नाम लेते हुए कहा कि इन कंपनियों ने “बहुत ज्यादा पैसा कमाया है” और अब उन्हें ईंधन की कीमतें घटाकर लोगों को राहत देनी चाहिए।
बोले- मैं इस स्थिति से खुश नहीं हूं
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि कुछ कंपनियों का मुनाफा पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। ऐसे में उन्हें उपभोक्ताओं के हित में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि मैं इस स्थिति से खुश नहीं हूं। कंपनियों को अब कीमतें कम करनी चाहिए।”
ईरान युद्ध के बीच बढ़ी थीं तेल की कीमतें
हाल के महीनों में ईरान से जुड़े तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। हालांकि अब कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में अभी भी अधिक बनी हुई हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है।
सर्वे में भी सामने आई लोगों की चिंता
हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग बढ़ती ईंधन कीमतों से आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि सरकार को महंगाई और उपभोक्ता कीमतों को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
तेल कंपनियां तय नहीं करतीं पेट्रोल की कीमत
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सीधे तेल कंपनियां तय नहीं करतीं। ईंधन की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल (Crude Oil) की लागत का होता है। इसके अलावा रिफाइनिंग, परिवहन, वितरण और रिटेल संचालन का खर्च भी पेट्रोल की अंतिम कीमत को प्रभावित करता है।
