रायपुर ज्वेलरी शॉप में सेंधमारी का 72 घंटे में खुलासा,

रायपुर ज्वेलरी शॉप में सेंधमारी का 72 घंटे में खुलासा,

टिकरापारा थाना क्षेत्र के रावतपुरा में ज्वेलरी दुकान की दीवार तोड़कर लाखों रुपये के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7.50 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। इसमें लगभग दो किलो चांदी के जेवर, सोने का लॉकेट, वारदात में इस्तेमाल दो दोपहिया वाहन और पांच मोबाइल फोन शामिल हैं।

दीवार तोड़कर दुकान में घुसे थे चोर

मामला रावतपुरा कॉलोनी फेस-02, मठपुरैना स्थित श्री गुरू ज्वेलर्स का है। दुकान संचालक निमाई डोन्डा को 10 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे दुकान में चोरी की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर दुकान की एक दीवार टूटी मिली और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवर गायब थे। इसके बाद टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

10 से ज्यादा टीमों ने खंगाले हजारों CCTV फुटेज

घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच में 10 से ज्यादा टीमों को लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ दुकान संचालक और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के हजारों फुटेज खंगाले गए। संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों के आने-जाने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और पुराने चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों के साथ-साथ हाल में जेल से बाहर आए संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।

आकांक्षा से पूछताछ में खुला पूरा राज

जांच के दौरान पुलिस को पुरानी बस्ती निवासी आकांक्षा सोनी के बारे में सुराग मिला। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने शुरुआत में चोरी में शामिल होने से इनकार किया। पुलिस के पास मौजूद तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ी तो आकांक्षा ने आखिरकार वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने उषा उर्फ सपना खुंटे, लोकेश राव उर्फ विकास, एम. मोहन राव उर्फ मोनी और मिराज आलम को भी गिरफ्तार कर लिया।

पहले की रेकी, फिर दीवार तोड़कर चोरी

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि चोरी की योजना लोकेश राव उर्फ विकास और एम. मोहन राव ने तैयार की थी। दोनों ने पहले श्री गुरू ज्वेलर्स की रेकी की और दुकान को निशाना बनाने की योजना बनाई। इसके बाद लोकेश की पत्नी उषा, आकांक्षा और मिराज को भी योजना में शामिल किया गया। वारदात के दिन एम. मोहन राव और मिराज आलम दुकान में दाखिल हुए, जबकि लोकेश राव कुछ दूरी पर निगरानी करता रहा। आरोपियों ने दुकान की दीवार तोड़ी और अंदर रखे जेवर लेकर फरार हो गए। बाद में चोरी के सामान को आपस में बांट लिया गया।

मोहन राव पर पहले से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एम. मोहन राव उर्फ मोनी का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उसके खिलाफ जीआरपी दुर्ग में हत्या के चार मामलों और चोरी के एक मामले समेत कुल पांच प्रकरण दर्ज रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के एक मामले में वह 10 साल की सजा भी काट चुका है। वहीं लोकेश राव उर्फ विकास के खिलाफ दुर्ग जिले के भट्ठी और भिलाई थाने में एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट के मामले दर्ज हैं। उसकी पत्नी उषा उर्फ सपना खुंटे भी टिकरापारा थाने के एक पुराने मामले में जेल जा चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *