ककोरा, जिसे कई जगह कंटोला भी कहा जाता है, इन्हीं सब्जियों में शामिल है। आकार में छोटा और बाहर से कांटेदार दिखने वाला ककोरा स्वाद में काफी पसंद किया जाता है। ककोरा सीमित समय के लिए बाजार में उपलब्ध होता है। इसकी सूखी सब्जी, भरवां ककोरा और मसालों के साथ बनाई गई सब्जी काफी लोकप्रिय है। स्वाद के साथ इसमें फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। हालांकि, इसके पोषण पर किस्म और पकाने के तरीके का असर पड़ सकता है।

पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है ककोरा
ककोरा में मौजूद डायटरी फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है। फाइबर युक्त भोजन मल त्याग को नियमित रखने और कब्ज जैसी परेशानियों से बचाव में मदद कर सकता है। इसलिए रोजाना के संतुलित भोजन में मौसमी सब्जियों के साथ ककोरा भी शामिल किया जा सकता है।
इम्यून सिस्टम को मिल सकता है सपोर्ट
ककोरा में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने में भूमिका निभाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में मदद करते हैं। हालांकि, केवल ककोरा खाने से इम्यूनिटी मजबूत होने का दावा नहीं किया जा सकता। इसके लिए संतुलित आहार जरूरी है।
फाइबर वाली सब्जियां लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं। ऐसे में ककोरा को कम तेल और सीमित मसालों में पकाकर खाना वजन नियंत्रित रखने वाली डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। अगर ककोरा को बहुत अधिक तेल में तला जाए तो उसकी कैलोरी काफी बढ़ सकती है। इसलिए इसे हल्के तरीके से पकाना बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी पोषक तत्व
ककोरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन शरीर की सामान्य कोशिकीय सेहत में भूमिका निभाते हैं। संतुलित आहार में अलग-अलग तरह की सब्जियों को शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हालांकि, किसी एक सब्जी को त्वचा या बालों की समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
ककोरा की सूखी सब्जी, भरवां ककोरा या हल्के मसालों वाली सब्जी बनाई जा सकती है। इसे कम तेल में पकाकर खाना ज्यादा बेहतर विकल्प है। ककोरा खरीदते समय ताजे, ज्यादा नरम न हुए और बहुत अधिक दाग वाले नहीं होने वाले ककोरे चुनें। चूंकि यह मौसमी सब्जी है, इसलिए इसके उपलब्ध होने के दौरान इसे अपनी पसंद और डाइट के अनुसार शामिल किया जा सकता है।
