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मंगल ग्रह पर NASA के Perseverance रोवर को मिले चौंकाने वाले सबूत

NASA के Perseverance Rover ने मंगल ग्रह के Jezero Crater के अंदरूनी हिस्से में ऐसी चट्टानों की खोज की है, जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। सितंबर 2023 में जब रोवर इस क्षेत्र में पहुंचा था, तब वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि यहां प्राचीन मंगल झील से बनी तलछटी चट्टानें मिलेंगी। इसके बजाय यहां मुख्य रूप से आग्नेय चट्टानें मिलीं।

नई रिसर्च के मुताबिक इन चट्टानों के खनिजों में पानी के साथ हुई कम से कम तीन अलग-अलग घटनाओं के संकेत संरक्षित हैं। यह अध्ययन Communications Earth & Environment में 21 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुआ है।

गहरी जमीन में मैग्मा से बनी थीं चट्टानें

Jezero Crater के अंदरूनी किनारे पर स्थित इस क्षेत्र को Margin Unit कहा जाता है। करीब 265 मीटर के क्षेत्र में Perseverance ने चट्टानों का अध्ययन किया। ऊंचाई वाले हिस्सों में उसे मोटे दाने वाली, ओलिविन से समृद्ध चट्टानें मिलीं, जिनमें पानी से बदलाव के कम संकेत थे।

वैज्ञानिकों के अनुसार ये चट्टानें कभी मंगल की सतह के काफी नीचे मौजूद मैग्मा से धीरे-धीरे ठंडी होकर बनी थीं। बाद में सतह के ऊपर की सामग्री के क्षरण के कारण ये चट्टानें बाहर दिखाई देने लगीं।

नीचे की ओर बढ़ने पर तस्वीर बदल गई। यहां ओलिविन के खनिजों में दरारें और उनके बीच सिलिका दिखाई दी, जिससे संकेत मिला कि बाद में तरल पदार्थ इन चट्टानों से होकर गुजरे थे।

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पहली बार CO₂ युक्त भूजल ने बदली चट्टान

अध्ययन के मुताबिक पानी से जुड़ी पहली बड़ी घटना में कार्बन डाइऑक्साइड से भरपूर भूजल चट्टानों के भीतर से गुजरा। इस पानी की रासायनिक प्रकृति न्यूट्रल से लेकर क्षारीय तक रही होगी।

पानी और ओलिविन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से कार्बोनेट युक्त पदार्थ बना, जो चट्टानों की दरारों में जमा हुआ। आसपास की नरम सामग्री के क्षरण के बाद इनमें से कुछ कार्बोनेट से भरी दरारें सतह पर उभरी हुई संरचनाओं के रूप में दिखाई देने लगीं।

पृथ्वी पर भी पानी और ओलिविन की ऐसी प्रतिक्रियाएं हाइड्रोजन पैदा कर सकती हैं, जिसका इस्तेमाल कुछ सूक्ष्मजीव ऊर्जा के स्रोत के रूप में करते हैं। हालांकि, मंगल की इन चट्टानों में मिली जानकारी वहां जीवन के अस्तित्व का प्रमाण नहीं है। यह केवल उन रासायनिक परिस्थितियों की जानकारी देती है, जो प्राचीन मंगल की संभावित रहने योग्य परिस्थितियों को समझने में उपयोगी हैं।

प्राचीन झील या भूजल ने फिर किया बदलाव

पानी से जुड़ी दूसरी घटना संभवतः Jezero Crater में मौजूद रही प्राचीन झील से जुड़ी हो सकती है। हालांकि वैज्ञानिकों ने यह संभावना भी रखी है कि बदलती भूजल परिस्थितियों ने इसमें भूमिका निभाई हो।

Margin Unit की कुछ चट्टानों में सिलिका मिली है, खासकर उन क्षेत्रों में जो कभी प्राचीन जलस्तर के नीचे रहे होंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार पहले ओलिविन और पानी की प्रतिक्रिया से कार्बोनेट और सिलिका से जुड़ी संरचनाएं बनी होंगी। बाद में झील के पानी या बदले हुए भूजल ने कुछ पदार्थों को फिर से स्थानांतरित किया होगा और दूसरी जगहों पर सिलिका जमा हुई होगी।

इससे यह संकेत मिलता है कि कक्षा से दिखाई देने वाला कार्बोनेट केवल प्राचीन झील द्वारा सीधे बनाए गए जमाव का परिणाम नहीं था। इसका कुछ हिस्सा झील के अस्तित्व से पहले भूजल के साथ हुई रासायनिक प्रक्रियाओं से भी बना हो सकता है।

तीसरी घटना में आया गर्म पानी

पानी से जुड़ी तीसरी घटना पहले दोनों से अलग थी। Margin Unit के पूर्वी हिस्से में वैज्ञानिकों को कैल्शियम सल्फेट और फ्लोराइट से बनी खनिज शिराएं मिलीं। इनमें से एक शिरा करीब 25 सेंटीमीटर मोटी थी।

फ्लोराइट की मौजूदगी खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह गर्म तरल पदार्थों के ज्वालामुखीय चट्टानों के भीतर से गुजरने के दौरान बन सकता है। इससे संकेत मिलता है कि बाद के चरण में इस क्षेत्र में गर्म भूमिगत तरल पदार्थों से जुड़ी हाइड्रोथर्मल गतिविधि हुई थी।

वैज्ञानिक पानी से जुड़ी इन तीनों घटनाओं का क्रम निर्धारित कर पाए हैं, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से प्रत्येक घटना कितने समय पहले हुई थी।

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SuperCam ने दूर से पढ़ी चट्टानों की कहानी

इस खोज में Perseverance के SuperCam उपकरण की अहम भूमिका रही। यह रोवर के मस्तूल पर लगा एक वैज्ञानिक उपकरण है, जो लेजर की मदद से चट्टानों की रासायनिक और खनिज संरचना का अध्ययन करता है।

SuperCam करीब 6.5 मीटर दूर स्थित चट्टानों को भी जांच सकता है। Perseverance ने Margin Unit में 185 से अधिक बेडरॉक लक्ष्यों का विश्लेषण किया। इन आंकड़ों की तुलना अलग-अलग ऊंचाई और स्थानों की चट्टानों के बीच की गई, जिससे पानी से हुए बदलावों का क्रम समझने में मदद मिली।

अध्ययन का नेतृत्व Purdue University की Candice Bedford ने किया है।

मंगल पर पानी के इतिहास को समझने में मदद

नई खोज से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह के कार्बोनेट युक्त दूसरे क्षेत्रों को समझने में भी मदद मिल सकती है। Jezero Crater मंगल के बड़े खुले कार्बोनेट जमाव वाले क्षेत्रों में शामिल है।

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Perseverance की खोज से Jezero में पानी की कहानी पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल दिखाई देती है। यहां केवल एक प्राचीन झील का प्रभाव नहीं था, बल्कि भूजल का प्रवाह, बाद में झील या बदलती भूजल परिस्थितियों से बदलाव और अंत में गर्म हाइड्रोथर्मल गतिविधि भी हुई।

रोवर का व्यापक उद्देश्य मंगल के प्राचीन वातावरण और वहां कभी जीवन के अनुकूल परिस्थितियां मौजूद थीं या नहीं, इसका अध्ययन करना है। नई खोज मंगल पर जीवन का प्रमाण नहीं देती, लेकिन यह दिखाती है कि Margin Unit में अलग-अलग समय और परिस्थितियों में पानी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं सक्रिय रही थीं।

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