यह याचिका लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से 12 अक्टूबर को दाखिल की गई थी। इसमें चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
याचिका में यह खामियां बताई गईं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की गुणवत्ता और जरूरी औपचारिकताओं पर सवाल उठाए हैं। प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं:
- कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी बताई गई।
- मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी स्पष्ट नहीं थी।
- नौ याचिकाकर्ताओं के जरूरी वकालतनामा या प्राधिकरण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
- याचिका के साथ एक पुराने न्यायिक फैसले की कॉपी नहीं लगाई गई थी।
- कुछ दस्तावेजों के पन्ने गायब या पढ़ने में कठिन बताए गए।
- दस्तावेजों की स्पष्टता और अन्य प्रक्रियागत औपचारिकताओं से जुड़ी आपत्तियां भी दर्ज की गईं।
ये रजिस्ट्री की प्रक्रियागत आपत्तियां हैं। इनका अर्थ याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला होना नहीं है। आपत्तियों का समाधान होने के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।
SIR के खिलाफ विपक्ष ने यह मांग की है
विपक्षी नेताओं ने याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हुए बदलावों और कथित तौर पर हटाए गए नामों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने की मांग भी है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समिति तय समयसीमा के भीतर मतदाता सूची में किए गए बदलावों और हटाए गए नामों का ऑडिट करे। विपक्ष ने चुनाव आयोग से संबंधित दस्तावेजों और निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। ये याचिकाकर्ताओं के आरोप और मांगें हैं, जिन पर न्यायिक निर्णय होना बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद दिल्ली में चार FIR
SIR के खिलाफ सोमवार, 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसी विरोध-प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस ने चार FIR दर्ज की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मामले कनॉट प्लेस, बाराखंभा रोड, तिलक मार्ग और मंदिर मार्ग थानों में दर्ज किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन और संबंधित घटनाओं से जुड़ी है।
मार्च में राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। उनकी ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
राहुल गांधी के आवास पर विपक्ष की बैठक
आगे की रणनीति तय करने के लिए राहुल गांधी ने मंगलवार शाम अपने आवास पर विपक्षी सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में SIR और कथित वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले विपक्षी सांसदों की प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित है। बैठक का उद्देश्य आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर विचार करना बताया गया है।
अब आगे यह होगा
याचिका में बताई गई प्रक्रियागत खामियों को दूर करना अब याचिकाकर्ताओं की कानूनी टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद याचिका की सूचीबद्धता और सुनवाई से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर विपक्ष की मांगों और चुनाव आयोग से संबंधित सवालों पर आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही से स्पष्ट होगी।
