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NASA के Perseverance रोवर ने मंगल पर बनाया नया रिकॉर्ड

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बनाया है। 11 अक्टूबर 2026 तक इस छह पहियों वाले रोवर ने कुल 28.10 मील यानी करीब 45.22 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली। इसके साथ ही उसने NASA के Opportunity रोवर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसने अपने लगभग 15 साल के अभियान में 28.06 मील यानी करीब 45.16 किलोमीटर की दूरी तय की थी।

NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के मुताबिक, Perseverance ने अपने मिशन के 2,006वें मंगल दिवस यानी सोल पर यह उपलब्धि हासिल की। यह रिकॉर्ड केवल दूरी का आंकड़ा नहीं है, बल्कि मंगल की सतह पर रोबोटिक खोज और स्वचालित तकनीक में हुई प्रगति को भी दर्शाता है। रोवर अब जेजेरो क्रेटर के आसपास प्राचीन चट्टानों और भूगर्भीय संरचनाओं का अध्ययन कर रहा है।

1. आधे से भी कम समय में तोड़ा Opportunity का रिकॉर्ड

NASA का Opportunity रोवर वर्ष 2004 में मंगल पर उतरा था और 2018 तक सक्रिय रहा। इस दौरान उसने 5,111 मंगल दिवसों में 28.06 मील की दूरी तय की थी। लंबे समय तक यह किसी दूसरे खगोलीय पिंड की सतह पर चलने वाले रोवर का सबसे बड़ा दूरी रिकॉर्ड बना रहा।

वहीं, Perseverance ने लगभग साढ़े पांच साल में ही इससे अधिक दूरी तय कर ली। मिशन के 2,006वें सोल पर उसने Opportunity को पीछे छोड़ दिया। NASA के मुताबिक, Perseverance अपने मूल मिशन के लिए तय 12.4 मील यानी लगभग 20 किलोमीटर की यात्रा संबंधी आवश्यकता से भी काफी आगे निकल चुका है।

इसकी उपलब्धि की तुलना चंद्रमा पर चलने वाले वाहनों से भी की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, Perseverance ने Apollo 17 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा चंद्रमा पर तय की गई 22.2 मील और सोवियत संघ के Lunokhod 2 रोवर की 24.2 मील की दूरी को भी पीछे छोड़ दिया है।

2. AutoNav तकनीक से आसान हुई मंगल की यात्रा

Perseverance की इस उपलब्धि के पीछे उसकी स्वचालित नेविगेशन प्रणाली AutoNav की अहम भूमिका है। यह तकनीक रोवर को रास्ते में आने वाली बाधाओं की पहचान करने और सुरक्षित मार्ग चुनने में मदद करती है।

रोवर अपने कैमरों से आसपास की सतह की तस्वीरें लेता है, इलाके का त्रि-आयामी नक्शा तैयार करता है और पृथ्वी पर मौजूद इंजीनियरों की ओर से तय किए गए रास्ते के बिंदुओं के बीच आगे बढ़ने का मार्ग चुनता है। इससे हर छोटे फैसले के लिए पृथ्वी से निर्देश मिलने का इंतजार कम होता है।

NASA के अनुसार, Perseverance एक मंगल दिवस में अधिकतम 1,351 फीट यानी करीब 412 मीटर तक चल सकता है। उसकी कुल यात्रा का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा AutoNav की मदद से पूरा हुआ है। इसके मुकाबले पहले के Opportunity और Spirit रोवरों ने अपनी कुल दूरी का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा ही इस तरह की स्वचालित तकनीक के सहारे तय किया था।

रोवर की कंप्यूटिंग क्षमता भी पहले के मिशनों से काफी आगे है। NASA के शुरुआती Mars rover Sojourner ने अपने सामने के रास्ते का आकलन करने के लिए करीब 20 माप बिंदुओं का इस्तेमाल किया था, जबकि Perseverance हर निरीक्षण में लगभग 6 लाख बिंदुओं को प्रोसेस कर सकता है। इससे उसे बाधाओं को पहचानने और सुरक्षित रास्ता चुनने में मदद मिलती है।

3. प्राचीन चट्टानों और पानी के इतिहास की तलाश

यह रिकॉर्ड उस समय बना, जब Perseverance जेजेरो क्रेटर के पश्चिम में स्थित Lac de Charmes नामक क्षेत्र से गुजरते हुए Idubi इलाके की ओर बढ़ रहा था। NASA के अनुसार, यहां ऐसी प्राचीन चट्टानें मिल सकती हैं, जो सौरमंडल के शुरुआती भूगर्भीय इतिहास को समझने में मदद कर सकती हैं।

पृथ्वी पर इतनी पुरानी चट्टानों का बड़ा हिस्सा कटाव और टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण बदल चुका है या नष्ट हो गया है। इसके विपरीत, मंगल पर पृथ्वी जैसी सक्रिय प्लेट टेक्टोनिक्स प्रणाली नहीं है। इस वजह से वहां प्राचीन भूगर्भीय इतिहास के संकेत लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।

Idubi क्षेत्र में वैज्ञानिक प्राचीन हाइड्रोथर्मल प्रणालियों के प्रमाण तलाशना चाहते हैं। ऐसी प्रणालियों में गर्म पानी चट्टानों के भीतर प्रवाहित होता है। इनके संकेत मिलने से मंगल पर कभी मौजूद परिस्थितियों और ग्रह के शुरुआती विकास को समझने में मदद मिल सकती है।

4. मंगल पर संभावित जीवन के संकेतों की जांच

Perseverance की यात्रा उसे एक प्राचीन झील के तल से होते हुए जीवाश्म नदी प्रणाली और फिर जेजेरो क्रेटर के किनारे तक ले गई है। इसी मिशन के दौरान रोवर ने Cheyava Falls नामक चट्टान में संभावित बायोसिग्नेचर से जुड़े संकेत भी दर्ज किए थे। हालांकि, ऐसे संकेतों को प्राचीन जीवन का निर्णायक प्रमाण मानने के लिए अतिरिक्त वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता होती है।

अब तक रोवर क्रेटर के तल, पुराने नदी डेल्टा और क्रेटर के किनारे से चट्टानों तथा रेगोलिथ के कुल 29 नमूने एकत्र कर चुका है। क्रेटर के किनारे पर वह लगभग 4 अरब वर्ष पुरानी प्रभाव-जनित चट्टानों का अध्ययन कर रहा है।

इन नमूनों और चट्टानों के विश्लेषण से वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि मंगल पर अतीत में पानी किस रूप में मौजूद था और क्या वहां कभी जीवन के अनुकूल परिस्थितियां बनी थीं।

5. NASA के मंगल रोवरों की लंबी यात्रा

Perseverance का रिकॉर्ड मंगल पर NASA के रोबोटिक अभियानों की लंबी श्रृंखला की नई उपलब्धि है। वर्ष 1997 में मंगल पर पहुंचने वाले Sojourner रोवर ने अपने 83 सोल के अभियान में लगभग 330 फीट की दूरी तय की थी।

वर्ष 2004 में Spirit और Opportunity रोवर मंगल पर पहुंचे। दोनों को शुरुआत में केवल 90 मंगल दिवस के मुख्य मिशन के लिए तैयार किया गया था, लेकिन उन्होंने अपेक्षा से कहीं अधिक समय तक काम किया। Spirit ने 2010 में मंगल की सर्दियों के दौरान संपर्क खोने से पहले करीब 4.8 मील की दूरी तय की, जबकि Opportunity ने 5,111 सोल तक काम करते हुए 2015 में पहली बार किसी दूसरे खगोलीय पिंड पर मैराथन के बराबर दूरी पूरी की।

NASA का Curiosity रोवर भी सक्रिय है। वर्ष 2012 में Gale Crater पर उतरने के बाद से वह 23.65 मील से अधिक दूरी तय कर चुका है। इन मिशनों ने रोवरों की मजबूती, चलने की क्षमता और वैज्ञानिक उपकरणों में लगातार सुधार दिखाया है।

6. Perseverance मिशन 2028 तक जारी रहने की उम्मीद

NASA ने Perseverance के विस्तारित मिशन को मंजूरी दी है, जिसके तहत रोवर से लगभग 2028 के अंत तक क्रेटर के किनारे के क्षेत्र में खोज जारी रखने की उम्मीद है। मिशन प्रबंधन के अनुसार, रोवर की गतिशीलता से जुड़े सिस्टम काम कर रहे हैं और परीक्षणों से संकेत मिलता है कि वह आने वाले वर्षों तक यात्रा जारी रख सकता है।

इंजीनियर रोवर के दैनिक कामकाज की अवधि बढ़ाने के तरीकों पर भी काम कर रहे हैं। फिलहाल, जब रोवर सूर्य की दिशा में आगे बढ़ता है, तो नेविगेशन कैमरों में तेज रोशनी के कारण दृश्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस वजह से टीम को दोपहर बाद ड्राइविंग रोकनी पड़ती है। भविष्य में सॉफ्टवेयर में सुधार होने पर रोवर अधिक समय तक सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकेगा।

निष्कर्ष: मंगल के इतिहास को समझने में मिलेगी मदद

Perseverance का नया दूरी रिकॉर्ड मंगल की खोज में स्वचालित तकनीक और रोबोटिक क्षमता की अहमियत को दिखाता है। अधिक दूरी तय करने से वैज्ञानिकों को अलग-अलग भूगर्भीय क्षेत्रों का अध्ययन करने और ज्यादा नमूने जुटाने के अवसर मिलते हैं।

रोवर की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले समय में मंगल की प्राचीन चट्टानों, पानी के इतिहास और संभावित जीवन के संकेतों पर होने वाला अध्ययन यह समझने में मदद कर सकता है कि लाल ग्रह का वातावरण और भूगर्भीय स्वरूप अरबों वर्षों में कैसे बदला।

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