तिराना। अल्बानिया की राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहे। मंगलवार रात प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप, रोजगार के सीमित अवसर और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें इस आंदोलन के प्रमुख मुद्दे बताए जा रहे हैं।
तिराना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
राजधानी तिराना में मंगलवार रात प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर पेट्रोल बम, पत्थर, पटाखे और अन्य वस्तुएं फेंकीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज भी किया गया।
प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब लगातार आठ दिनों से जारी है। विरोध प्रदर्शन राजधानी तक सीमित नहीं रहे और देश के दूसरे शहरों में भी इनके फैलने की खबरें सामने आई हैं।
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी के पीछे सरकार में कथित भ्रष्टाचार, रोजगार के कम अवसर और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, फीस कम करने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन में शामिल लोगों का विरोध सरकार पर बढ़ते अविश्वास और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष को भी दर्शाता है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों और सरकार के रुख के संबंध में आधिकारिक पक्ष की जानकारी को अलग से देखना जरूरी है।
एडी रामा के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती
एडी रामा वर्ष 2013 से अल्बानिया की सत्ता में हैं। पिछले साल उन्होंने चौथी बार प्रधानमंत्री पद संभाला था। ऐसे में लगातार जारी प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग उनके नेतृत्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गए हैं।
सरकार के खिलाफ असंतोष इससे पहले भी सामने आया था। रिपोर्ट के अनुसार, गर्मियों के दौरान कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय आंदोलन का प्रमुख मुद्दा एक महंगी तटीय विकास परियोजना थी और ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताए गए थे।
आंदोलन पर देश और दुनिया की नजर
अल्बानिया में जारी विरोध प्रदर्शन अब भ्रष्टाचार, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गए हैं। राजधानी के अलावा दूसरे शहरों में भी आंदोलन फैलने की खबरों के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई से आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।
