तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश तथा तेज हवाएं दर्ज की गईं। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। अब तूफान के आगे बढ़ने के साथ दूसरे राज्यों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और जिलों में बारिश की तीव्रता तथा चेतावनी का स्तर स्थानीय मौसम बुलेटिन के अनुसार अलग हो सकता है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफान का असर
चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के दौरान आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का काम शुरू किया। चक्रवात के कारण ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया।
छत्तीसगढ़ में बारिश और तेज हवाओं की आशंका
चक्रवात से जुड़े मौसम सिस्टम के प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना पर नजर रखी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और यात्रियों को भी स्थानीय मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए।
स्कूलों की छुट्टी को लेकर जरूरी जानकारी: दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर, राजनांदगांव और धमतरी सहित जिन जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद होने की जानकारी दी गई है, वहां छुट्टी की पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश से करें। सभी जिलों में छुट्टी घोषित होने का दावा नहीं किया जा सकता।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलने की संभावना
मध्य प्रदेश में भी चक्रवात से जुड़े मौसम बदलाव पर निगरानी रखी जा रही है। उपलब्ध विवरण में सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट समेत पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका बताई गई है।
कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, 31 जिलों में अलर्ट और प्रत्येक जिले के लिए चेतावनी का सटीक स्तर जानने के लिए IMD भोपाल का नवीनतम जिला-वार बुलेटिन देखना जरूरी है।
झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना
झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा भी हो सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम समेत कुछ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदानों, जलाशयों और ऊंचे पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए।
बिहार में भी बदल सकता है मौसम
बिहार में चक्रवात से जुड़े मौसम सिस्टम के प्रभाव से बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना पर नजर रखी जा रही है। उपलब्ध विवरण में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की आशंका जताई गई है।
29 और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। हालांकि, बारिश की मात्रा और चेतावनी की श्रेणी की पुष्टि के लिए मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा जानकारी देखना जरूरी है।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद कमजोर हुआ है। ऐसे में इसे लैंडफॉल के बाद और खतरनाक होने के बजाय इसकी मौजूदा स्थिति और आगे के मौसम प्रभाव के आधार पर समझना चाहिए। अलग-अलग राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का वास्तविक असर नवीनतम मौसम पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों को IMD के जिला-वार अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
