आज का पंचांग, 28 अक्टूबर 2026: आज बुधवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। आज कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में दीपदान और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और योग
- दिन: बुधवार
- तारीख: 28 अक्टूबर 2026
- विक्रम संवत: 2083 (गुजरात के अनुसार 2082)
- शक संवत: 1948
- अयन: दक्षिणायन
- ऋतु: हेमंत
- मास: कार्तिक (गुजरात और महाराष्ट्र के अनुसार आश्विन)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: तृतीया, 29 अक्टूबर की रात 1:06 बजे तक; इसके बाद चतुर्थी
- नक्षत्र: कृत्तिका, दोपहर 1:26 बजे तक; इसके बाद रोहिणी
- योग: व्यतीपात, सुबह 7:18 बजे तक; इसके बाद वरीयान
- राहुकाल: दोपहर 12:22 से 1:48 बजे तक
- सूर्योदय: सुबह 6:40 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:04 बजे
- दिशाशूल: उत्तर दिशा
कार्तिक मास में दीपदान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं में कार्तिक मास को दीपदान और भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। पद्म पुराण में भगवान केशव के समक्ष दीपदान करने की महिमा का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि कार्तिक मास में श्रद्धापूर्वक दीपदान करने से यज्ञ और तीर्थ स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी कार्तिक मास में भगवान श्रीहरि के सामने घी का दीपक जलाने का महत्व बताया गया है। इसी तरह स्कंद पुराण के माहेश्वरखंड केदारखंड में भगवान शिव के समीप दीपमाला अर्पित करने की महिमा का वर्णन मिलता है।
श्रद्धालु इस दौरान अपनी परंपरा के अनुसार भगवान विष्णु और शिव की पूजा-अर्चना कर दीपदान करते हैं।
संकष्ट चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा
पंचांग में दी गई जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानी संकष्ट चतुर्थी का व्रत बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, चंद्रोदय का समय रात 8:33 बजे है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्ट चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है और चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान गणेश के मंत्रों का जाप कर सुख-शांति और विघ्नों से मुक्ति की कामना करते हैं।
पूजा के लिए बताए गए दो मंत्र हैं:
- ॐ गं गणपतये नमः।
- ॐ सोमाय नमः।
कष्ट दूर करने के लिए गणेश जी के छह मंत्र
शिव पुराण से जुड़ी धार्मिक परंपरा के उल्लेख के अनुसार, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर भगवान गणेश का स्मरण करते हुए छह मंत्रों का जाप करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे भक्त को बाधाओं का सामना करने की शक्ति और मन की शांति मिलती है।
ये छह मंत्र हैं:
- ॐ सुमुखाय नमः।
- ॐ दुर्मुखाय नमः।
- ॐ मोदाय नमः।
- ॐ प्रमोदाय नमः।
- ॐ अविघ्नाय नमः।
- ॐ विघ्नकर्त्रे नमः।
इन मंत्रों का जाप श्रद्धालु अपनी आस्था और पूजा-पद्धति के अनुसार कर सकते हैं। धार्मिक उपायों के फल को मान्यता और परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए।
आज राहुकाल में रखें विशेष ध्यान
आज बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:22 बजे से 1:48 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस समय को नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि, राहुकाल की मान्यता क्षेत्र और परंपरा के अनुसार अलग-अलग तरीके से अपनाई जा सकती है।
